गाजियाबाद। विजयनगर थाना क्षेत्र में दो किशोरियों से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट-2 की विशेष न्यायाधीश पूनम की अदालत ने दो दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, अपहरण समेत अन्य धाराओं में लगाए गए आरोपों से दोनों को दोषमुक्त कर दिया गया। मामले में एक अन्य आरोपी सपना को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार छह सितंबर 2017 को नाबालिग लड़कियों के परिजनों ने मानू उर्फ मोनू और साबिर अली उर्फ बबलू के खिलाफ विजयनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि दोनों आरोपी नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और उनकी मर्जी के खिलाफ उनके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। इसके आधार पर दोनों आरोपियों को दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषियों की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। जुर्माने की राशि नियमानुसार पीड़िताओं को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। हालांकि, अदालत ने अपहरण समेत अन्य धाराओं में लगाए गए आरोपों से दोनों दोषियों को दोषमुक्त कर दिया।