गाजियाबाद। सीसीएसयू ने बीएड सत्र 2015-17 द्वितीय वर्ष और सत्र 2016-18 प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स को अपने वैकल्पिक विषयों के विषय कोड को ठीक कराने का मौका दिया है। स्टूडेंट्स विवि की ओर से बीएड कालेजों को दी गई लॉगिन आईडी के जरिए अपने विषय कोड (टीचिंग सब्जेक्ट) को ठीक करा सकेंगे।
विवि ने स्टूडेंट्स को अपने पेपर से 24 घंटे पहले तक विषय कोड ठीक कराने का मौका दिया है अगर कोई बीएड स्टूडेंट्स विषय कोड में परिवर्तन नहीं कराता है तो उसका रिजल्ट रुक जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संस्थान और स्टूडेंट्स की होगी।
विवि ने वैकल्पिक विषयों में एनवायरमेंटल एजुकेशन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, गाइडेंस एंड काउंसलिंग, टीचिंग मैथड सहित अन्य विषयों के विषय कोड को ठीक कराने का आखिरी मौका दिया है।
विषय कोडों में संशोधन के लिए स्टूडेंट्स विवि के चक्कर काट रहे हैं। समस्याओं का समाधान नहीं होने और पेपर में काफी कम समय शेष होने के चलते विवि ने खुद अपने स्तर से ही परेशानी का हल निकाला है।
विवि की ओर से गलत विषय कोड भरने वाले स्टूडेंट्स की पहले उपस्थिति का निरीक्षण किया जाएगा। विवि ने बीएड कालेजों को उनकी लॉगइन आईडी पर विषय कोड में संशोधन का विकल्प दे दिया है।
टीचिंग सब्जेक्ट के अलावा स्टूडेंट्स को कोई कोड में परिवर्तन का मौका नहीं दिया जाएगा। विवि की इस पहल से बीएड परीक्षा में शामिल हो रहे दो सत्र के सैकड़ों स्टूडेंट्स ने राहत की सांस ली है।