गाजियाबाद। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मोबाइल निर्माता कंपनी सोनी इंडिया प्रा. लि. को उपभोक्ता को 42 हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है। यह मामला ग्राहक विनोद कुमार त्यागी द्वारा खरीदे गए सोनी एक्सपीरिया जेड2 मोबाइल से जुड़ा हुआ है। इसमें तकनीकी खामियों के चलते उपभोक्ता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोनी के असालतपुर फर्रुखनगर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उन्होंने 31 अक्तूबर 2014 को 37 हजार रुपये नकद भुगतान कर मोबाइल खरीदा था। विक्रेता ने मोबाइल को वाटरप्रूफ और उच्च गुणवत्ता वाला बताया था लेकिन खरीद के तुरंत बाद ही मोबाइल में हैंगिंग, नेटवर्क समस्या, गर्म होना, बैटरी जल्दी खत्म होना और फाइल अपने आप खुलने जैसी कई तकनीकी खराबियां सामने आईं। शिकायत के बाद उपभोक्ता को सलाह दी गई कि वे सर्विस सेंटर से संपर्क करें। कई बार मोबाइल दिखाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। रिपोर्ट में लिक्विड डैमेज की बात कही गई, जबकि मोबाइल को वाटरप्रूफ बताया गया था। उपभोक्ता ने इस दावे के समर्थन में इंटरनेट से प्राप्त सामग्री और शपथ पत्र भी आयोग में प्रस्तुत किया। आयोग की पीठ (शैलजा सचान, आरपी सिंह) ने माना कि यदि मोबाइल वाटरप्रूफ था, तो उसमें लिक्विड डैमेज नहीं होना चाहिए था। इस प्रकार, कंपनी द्वारा सेवा में कमी स्पष्ट रूप से सिद्ध होती है।
फैसले में आयोग के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने सोनी इंडिया प्रा. लि. को आदेशित किया कि वह उपभोक्ता को 37 हजार रुपये मोबाइल कीमत और पांच हजार रुपये मानसिक क्षति व परिवाद व्यय 45 दिनों के भीतर अदा करें। तय समय में भुगतान न होने की स्थिति में उपभोक्ता को 37 हजार रुपये पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज अंतिम भुगतान तक देने का अधिकार होगा।