लोनी। प्रदूषण बढ़ाने वाली फैक्टरियों के खिलाफ जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का शनिवार को भी डंडा चला। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 14 फैक्टरियों को सील कर दिया। इन सभी फैक्टरियों के बिजली कनेक्शन भी कटवा दिए है। यह कार्रवाई लोनी के कृष्णा विहार फेस-तीन स्थित फैक्टरियों पर कार्रवाई की। अमर उजाला की खबर प्रकाशित होने के बाद से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने कार्रवाई की है।
दरअसल, जिले में 500 से अधिक फैक्टरियां अवैध रूप से चल रही है और इनका पंजीकरण तक नहीं है। इन्हीं फैक्टरियों में सबसे अधिक प्रदूषण होता है। यहां पर जींस पर रंगाई और लोहे की ढलाई समेत अन्य कार्य किए जाते है। इनसे बहुतायत में प्रदूषण होता है। इस तरह की फैक्टरियों के कारण ही लोनी जिले और प्रदेश में ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी सबसे अधिक प्रदूषित रहा है। इसे लेकर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की तो अधिकारियों ने संज्ञान लिया। अब तक दो दर्जन से अधिक फैक्टरियों पर अधिकारी कार्रवाई कर चुके हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार लोनी रति गुप्ता ने शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत निगम व नगर पालिका परिषद और पुलिस के साथ संयुक्त रूप से बार्डर थाना क्षेत्र में कार्रवाई की। नायब तहसीलदार ने बताया कि कृष्णा विहार फेस तीन में अवैध रूप से संचालित की जा रही 14 ढलाई की की फैक्टरी पर कार्रवाई करते हुए सील किया गया और विद्युत कनेक्शन भी काटे गए।
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