टीएचए की कालोनियों की गंगाजल सप्लाई बंद नहीं होगी। नगर निगम ने गंगाजल की बकाया रकम में से 75 लाख रुपये शुक्रवार को जल निगम को चुका दिए। नगर आयुक्त के हस्ताक्षर न होने की वजह से तीन दिन से यह चेक जल निगम को नहीं दिया जा सका था।
अभी भी जल निगम का करीब 15.30 करोड़ रुपया नगर निगम पर बकाया है। दोनों विभाग के अधिकारी जल्द बैठक कर इस रकम के भुगतान का रास्ता तैयार करेंगे। जल निगम ने हर महीने नगर निगम से गंगाजल सप्लाई की एवज में रकम की डिमांड की है।
प्रताप विहार गंगाजल प्लांट से टीएचए क्षेत्र में नगर निगम की कई कालोनियों को गंगाजल सप्लाई की जाती है। हर साल नगर निगम को करीब पांच करोड़ रुपये गंगाजल के चुकाने थे। वर्ष 2012 से मार्च 2016 तक नगर निगम पर गंगाजल का 16.05 करोड़ रुपया बकाया हो चुका था।
जल निगम ने करीब एक सप्ताह पूर्व नगर निगम को नोटिस जारी कर बकाया रकम मांगी थी। इसका भुगतान न करने पर 31 मार्च की रात 12 बजे से गंगाजल सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी थी।
नगर निगम ने जल निगम के अधिकारियों से वार्ता कर 31 मार्च तक 75 लाख रुपये का भुगतान करने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय से एक दिन लेट शुक्रवार को नगर निगम ने जल निगम को यह भुगतान कर दिया है। ऐसे में अब टीएचए में गंगाजल संकट नहीं होगा।
नगर आयुक्त के ट्रेनिंग पर चले जाने से भुगतान लेट हो गया था। 75 लाख का चेक जल निगम को भेज दिया गया है। गंगाजल सप्लाई बंद नहीं होगी। - आरके यादव, अधिशासी अभियंता, नगर निगम