तहसील मुख्यालय पर बुधवार को आयोजित तहसील दिवस पर ग्रामीण अंचल में विद्युत कटौती का मुद्दा छाया रहा। अघोषित कटौती से किसानों को गेहूं की थ्रेसिंग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तहसील दिवस पर कुल 28 शिकायतें आईं। इनमें से सिर्फ एक का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
बुधवार दोपहर रालोद कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। एसडीएम अतुल कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए रालोद नेताओं ने बताया कि गांवों में भारी बिजली कटौती से गेहूं की थ्रेसिंग और सिंचाई में परेशानी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में ग्रामीण अंचल में 16 घंटे बिजली आपूर्ति की बात कही थी, मगर मुश्किल से आठ घंटे बिजली मिल रही है। प्रदर्शनकारियों मेें रामभरोसे लाल मौर्य, मनोज, सतेंद्र तोमर, बिट्टू खंजरपुर, हरपाल बालियान, जयप्रकाश त्यागी आदि शामिल रहे ।
उधर, भाकियू द्वारा एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीण अंचल में 16 घंटे बिजली आपूर्ति व किसानों को गन्ना भुगतान की मांग शामिल है। ज्ञापन पर श्यामवीर सिंह, चंद्रपाल व राम अवतार आदि के नाम शामिल हैं।
वहीं पूर्व सभासद दुर्गेश शर्मा ने देवेंद्रपुरी पार्क में पर्यावरण के लिए किए गए पौधरोपण को कुछ लोगों पर उखाड़ने का आरोप लगाते हुए कार्यवाही की मांग की है। उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष महेश वाल्मीकि ने ज्ञापन देकर पालिका प्रशासन से मांगें पूरी कराने की मांग की।