बुलंदशहर। यूरिया की कालाबाजारी के लिए जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में टीम जांच करेगी और एक सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करके जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में अफसर 10 दिन में भी तय नहीं कर पाए कालाबाजारी का जिम्मेदार कौन शीर्षक से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की। खबर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कुमार हर्ष ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया । इसमें एडीएम प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय को अध्यक्ष बनाया है। एसडीएम सदर अंगद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुभाष नेमा और जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश कुमार को सदस्य नामित किया है।
जिलाधिकारी ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि कोई भी कालाबाजारी करने वाला बचना नहीं चाहिए। एडीएम प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि आदेश प्राप्त हो गया है। जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने 10 मई को यूरिया की कालाबाजारी को जा रहे 1575 सरकारी यूरिया के कट्टों को तीन ट्रक से बरामद किए थे। इन ट्रकों में पीसीएफ के गोदाम से यूरिया लोड किया गया था।
इस मामले में पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिव्यांशु वर्मा, सहायक लेखाकार यश राघव, भंडार नायक हरेंद्र प्रताप सिंह और रावेंद्र के अलावा कुल 10 लोगों पर एफआई दर्ज कराई गई। यूरिया की कालाबाजारी उजागर होने के बाद पीएसएफ के उन चार गोदामों को सील कर दिया गया था, जहां पर सरकारी यूरिया भंडारित है। इसी बीच अधिकारियों पर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे। मामला शासन तक पहुंचा तो इसमें शामिल पीसीएफ के जिला प्रबंधन समेत तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। वहीं, मंडल स्तर पर क्षेत्रीय प्रबंधक को भी शासन ने निलंबित कर दिया।