गाजियाबाद। मधुबन-बापूधाम पुलिस की नाक के नीचे सरकारी लाइसेंस धारक स्क्रैप यार्ड संचालक के शह पर चोरी के वाहनों के कलपुर्जे पांच मिनट में अलग-अलग कर दिए जाते थे। इसके लिए वाहन चोरी करने वाले से 500 रुपये मिठाई के रूप में वसूले जाते थे। कटे वाहनों का ब्योरा रजिस्टर में नहीं है, उनकी आरसी बोरों में बरामद हुई हैं। आधी-अधूरी जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने स्क्रैप यार्ड लाइसेंस धारक सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर सात चोरी की स्कूटी बरामद की हैं।
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य के मुताबिक मैनापुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में सेवन स्टार ऑटो स्क्रैपिंग इंडिया प्रा. लि. में छापे के दौरान तीन चोरी की स्कूटी बरामद हुईं। ये स्कूटी कौशांबी, इंदिरापुरम और मुरादनगर से चोरी की गई थीं। पुलिस की पकड़ में आए वाहन चोर से पूछताछ के बाद पुलिस ने सेवन स्टॉर ऑटो स्क्रैपिंग इंडिया प्रा. लि. के संचालक नवाब मलिक सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम नवाब मलिक निवासी घाटी रोड, थाना आनंद पर्वत दिल्ली और मूल निवासी ग्राम किशोरी थाना जानी जनपद मेरठ बताया है। इसके साथी रियाजुद्दीन निवासी अमन कॉलोनी थाना कोतवाली, नरेश कुमार, सुनील कुमार, नदीम, कृष्णा निवासी शाहपुर बम्हैटा थाना वेव सिटी और सगीर निवासी रजापुर व फजलू उर्फ फजल मोहम्मद निवासी ग्राम नहाल मसूरी गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है।
इनमें सुनील और नरेश वाहन चोरी करते थे जबकि अन्य चोरी के वाहनों को छिपाकर यार्ड तक पहुंचाते थे। एसीपी ने बताया कि स्क्रैप सेंटर को सीज करने व उसके लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए संबंधित अधिकारी से पत्राचार किया गया है।
बोरों में सैकड़ों आरसी बरामद
यार्ड में उम्र पूरी करने वालों सहित चोरी के वाहनों के कटान की भी बात उजागर हुई है। बोरों में कटे वाहनों की सैकड़ों आरसी भी बरामद की गई हैं। लाइसेंस धारक ने सरकार से जारी गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया। स्क्रैप किए गए वाहनों का ब्योरा नहीं है। खानापूर्ति के लिए यार्ड में वाहन लाने वाले से एक आधार कार्ड लिया जाता था। हालांकि, यह आधार किसका है या कौन से वाहन से संबंधित है, इसकी जानकारी भी रजिस्टर में दर्ज नहीं की गई।
खाकी की आंख बंद, बापूधाम बना सोतीगंज
एशिया में वाहनों के कटान के लिए हब बताए जाने वाले जनपद मेरठ के सोतीगंज को स्थानीय पुलिस ने बंद करा दिया है। हैरत की बात ये है कि मधुबन-बापूधाम पुलिस चौकी से 300 मीटर और थाने से डेढ़ किमी दूर वाहनों का कटान हो रहा था और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालात ये रहे कि इस छापे में मधुबन-बापूधाम पुलिस को दरकिनार रखा गया। दोनों एसीपी ने यार्ड की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उनमें चोरी के वाहन आते और नकद भुगतान करने जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स सुबूत भी मिले हैं।