नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को नवदुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की पूजा हुई। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि स्कंदमाता मां के मातृ शक्ति के रूप का प्रतीक है। स्कंदमाता की आराधना का मंत्र या देवी सर्वभूतेषु मातृ रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:....है।
पांचवें दिन पूजा-अर्चना कर महिलाओं ने संतान के दीर्घायु होने की कामना की। भक्तों ने धूप-दीप नैैवेद्य से माता की पूजा कर शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। दिल्ली गेट स्थित प्राचीन देवी मंदिर में सुबह माता की पूजा और विशेष आरती की गई। शाम को महिलाओं ने माता के भजन गाए।
घंटाघर स्थित गुफा वाले मंदिर में भी माता की पूजा और आरती की गई। इसके अलावा स्वयंभू शिव मंदिर, संजय नगर स्थित देवी मंदिर, डासना का प्राचीन देवी मंदिर, नेहरू नगर शिव मंदिर सभी जगह भक्तों ने माता की पूजा की।
दिल्ली गेट के महंत परमानंद गिरि ने बताया कि मंदिर में सप्तमी और अष्टमी को विशेष पूजा होगी। अष्टमी के दिन मंदिर से पंखा यात्रा निकाली जाएगी जो रात को मंदिर पर आकर समाप्त होगी। इसी दिन रात्रि 12 बजे माता का खजाना भी भक्तों में लुटाया जाएगा।