स्वच्छता के क्षेत्र में कसौटी पर परखे गए 500 शहरों का परिणाम केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय जल्द ही जारी करेगा। दो बार स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर हो चुके गाजियाबाद की इस स्वच्छता की रैंकिंग में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें कम ही हैं।
इस सर्वेक्षण में गाजियाबाद के साथ-साथ बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद और आगरा जैसे छोटे-बड़े शहर शामिल थे। सर्वेक्षण में 45 फीसदी अंक डॉक्यूमेंटेंशन के होंगे, 30 फीसदी अंक सिटीजन फीड बैक और 25 फीसदी अंक डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन के मिलने हैं।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने शहरों में टॉयलेट्स की संख्या, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, खुले में शौच मुक्त, कूड़ा निस्तारण समेत कई बिंदुओं पर गाजियाबाद को परखा था।
अब इसका परिणाम जारी होने वाला है। निगम अधिकारियों ने बताया कि 20 मार्च तक इसका परिणाम जारी होने की संभावना थी, लेकिन अब यह टल गया। उम्मीद है कि अगले सप्ताह स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम जारी हो जाएगा। बता दें कि इससे पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने जनवरी 2016 में भी 75 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया था।
गाजियाबाद इसमें भी पिछड़ गया था। यहां न मानकों के मुताबिक पब्लिक, कम्युनिटी टॉयलेट्स थे और न ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था थी।