गाजियाबाद/मसूरी। रेलवे स्टेशन पर कोच पोजिशन सिस्टम (कोच इंडिकेटर) का केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद वीके सिंह ने उद्घाटन तो कर दिया, लेकिन इनका संचालन अभी भी शुरू नहीं हुआ।
शनिवार-रविवार को भी ट्रेनों के आने पर कोच इंडिकेटर उनकी लोकेशन नहीं दिखा रहे थे, अभी तक यात्रियों को उसी समस्या से जूझना पड़ रहा है, जिससे वह इन कोच के उद्घाटन से पहले जूझ रहे थे। रेलवे अधिकारियों ने प्लेटफार्म नंबर-1/2 पर एक जून से ही कोच पोजिशन सिस्टम चालू होने का दावा किया था।
प्लेटफार्म नंबर-3/4 पर दो दिन बाद यह सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई थी। बावजूद इसके चार दिन बाद शनिवार को भी कोच इंडिकेटर चालू नहीं हुए। अब ट्रेन आने पर भी इन इंडिकेटर में जीजेडबी (गाजियाबाद की शॉर्ट फार्म) डिस्प्ले होती रहती है।
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कहना था कि सेवा नहीं शुरू करनी थी तो उद्घाटन की इतनी जल्दी क्यों थी। उधर, रेलवे अफसरों का कहना है कि इंडिकेटर को लगाने वाली फर्म ने अभी यह हैंडओवर नहीं किए हैं। अभी कंप्यूटर से इस सिस्टम को जोड़ा जाना बाकी है।
वाटर एटीएम का पानी बिक रहा ब्लैक में
गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन पर पांच दिन पहले शुरू हुए वाटर एटीएम से भी पानी ब्लैक किया जाने लगा है। रविवार दोपहर यहां पहले तो ठंडा पानी खत्म हो जाने पर लोगों ने विरोध किया और फिर रात को ओवर रेटिंग पर हंगामा हो गया।
यात्रियों का आरोप है कि वाटर एटीएम से पानी की बोतल खरीदने पर दो रुपये ज्यादा चार्ज किया जा रहा है। बंटी भाटी नाम का युवक रात करीब 10 बजे वाटर एटीएम पर एक लीटर पानी लेने पहुंचा तो यहां तैनात कर्मचारी ने 8 रुपये की बजाय 10 रुपये लिए।
बंटी ने बताया कि दो रुपये वापस मांगे तो कर्मचारी ने देने से इंकार कर दिया और बोला कि पानी 10 रुपये में ही मिलेगा। इससे पहले दोपहर को वाटर एटीएम पर ठंडा पानी खत्म हो गया। इसके चलते लोगों को अन्य वेंडरों से महंगा पानी खरीदना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि वेंडरों से सांठगांठ कर वाटर एटीएम पर जानबूझकर ठंडा पानी नहीं रखा जा रहा।
पुनर्वास केंद्र का ताला तो खुलवाइए मंत्री जी!
स्वास्थ्य राज्य मंत्री के कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग ने 2015 की उपलब्धियों में डासना में बने पोषण पुनर्वास केंद्र को शुरू करने का जिक्र किया, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्र पर उद्घाटन के बाद से ही ताला लगा है। अन्य केंद्रों की भी कमोवेश यही स्थिति है। लोकार्पण हुए यूूनिट्स में से सिर्फ एमएमजी में बने आईसीयू को ही शुरू किया जा सकेगा।
मॉडर्न पोस्टमार्टम हाउस में भी काम कागजों में ही हैै। आठ बॉडी को सुरक्षित रखने के लिए यह पीएम हाउस बनाया गया था, लेकिन अभी तक न तो डीप फ्रीजर लगाया है न ही स्टाफ मिला है। ब्लड बैंक में स्टाफ की तैनाती और 60 बेड के वार्ड में बेड न आने से इसे अभी शुरू नहीं किया जाएगा।
ट्रॉमा सेंटर भी पिछले दो महीने से उपकरण और स्टाफ न होने के कारण शुरू नहीं हो पाया। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि ब्लड बैंक के लाइसेंस का काम चल रहा है। स्टाफ की तैनाती में अभी समय लगेगा।