सरकारी स्कूलों के बच्चे दूषित पानी पीने के मजबूर हैं। इस मामले में न तो नगर-निगम और न ही शिक्षा विभाग ध्यान दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए अभियान में पिछले दिनों सरकारी स्कूलों के हैंडपंप के पानी के सैंपल लिए गए थे।
इनमें से आठ स्कूलों के पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इन स्कूलों के पानी में टीडीएस की मात्रा मानकों से अधिक पाई गई है। सरकारी स्कूलों में पीने के पानी के लिए हैंडपंप के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इनकी रिपोर्ट नगर-निगम के साथ प्रशासन को भी भेजी गई है।
डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर बताया गया है कि इन हैंडपंपों का पानी पीने लायक नहीं है और इन्हें तत्काल बंद कराया जाए। इन आठ स्कूलों के अलावा डॉ. बीआर अंबेडकर पार्क नवयुग मार्केट के हैंडपंप के पानी में भी टीडीएस की मात्रा 670 पाई गई है।
बता दें कि इससे पहले मुरादनगर के चार स्कूलों के हैंडपंप का पानी केमिकल युक्त मिला था। सेंट्रल लैब की जांच में उनके पानी में जहरीले तत्व पाए गए थे।
इन स्कूलों में पानी सैंपल मिले फेल
प्राथमिक विद्यालय लट्ठमार कॉलोनी 712
जूनियर हाईस्कूल डूंडाहेड़ा 691
प्राथमिक विद्यालय डूंडाहेड़ा 644
डॉ बीआर अंबेडकर स्कूल 765
जूनियर हाईस्कूल कृष्णानगर 727
प्राथमिक विद्यालय कृष्णानगर 631
जूूनियर हाईस्कूल सुदामापुरी 613
प्राथमिक विद्यालय बिहारीपुरा 615
बयान---सभी विद्यालयों के हैंडपंप की रिबोरिंग का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। बजट आने के बाद इन हैंडपंपों की रिबोरिंग कराई जाएगी। - डॉ. प्रवेश यादव, बीएसए