निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावक सामाजिक कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार से कलक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि तक निजी स्कूलों में नियम-कानूनों का सख्ती से पालन नहीं कराया जाएगा उनका विरोध जारी रहेगा।
धरने में समिति की अध्यक्ष किरण शर्मा ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय ने आदेश दिया था कि प्रत्येक स्कूल में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाएं। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार निजी स्कूलों को चाहिए कि वह एडमीशन और फीस के निर्धारित कोर्ट के अनुसार गरीब बच्चों को शिक्षा दे।
उन्होंने बताया कि 18 अगस्त 2015 को उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि सांसद, विधायक, अधिकारी और न्यायाधीशों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़े, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। प्राइवेट स्कूलों के द्वारा फीस वृद्धि से अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम नहीं लगाता तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। पहले दिन धरने पर राजेश तिवारी, राकेश सिंह, जयवीर सिंह, सुदेश कुमार शर्मा, लक्ष्मी देवी और रचना देवी शामिल रहीं।