मोदीनगर। विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के दौरान हुए हंगामे के बाद भाजपा कार्यकर्ता प्रशांत त्यागी पर दर्ज एफआईआर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। त्यागी ब्राह्मण विकास समिति और भाजपा से जुड़े नेताओं ने शनिवार को एसीपी मोदीनगर से मुलाकात कर एफआईआर पर आपत्ति जताई और कहा कि ऐसा दबाव में किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि एफआईआर में वादी भाजपा जिला मंत्री मनीष डागर के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया जाए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में अरुण त्यागी, ललित त्यागी, नीरज त्यागी, नकुल त्यागी, प्रदीप बोस और एडवोकेट राजकुमार गुप्ता शामिल रहे। एसीपी भास्कर वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
इसी मामले में एफआईआर में वादी बनाए गए रोहित सक्सेना, टैंमपाल पंवार और कौशल वशिष्ठ ने शपथ पत्र देकर दावा किया कि उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर उन्हें झूठा वादी बनाया गया है।
यह है मामला
मंगलवार को दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित एक बैंक्वेट हॉल में भाजपा के विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के दौरान महिला मोर्चा और कुछ कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा हुआ था। मंच के सामने धरना, धक्का-मुक्की और करीब एक घंटे तक चले विवाद के बाद कार्यक्रम भी बाधित हुआ था। इसके बाद शुक्रवार को भाजपा जिला मंत्री मनीष डागर की तहरीर पर मोदीनगर थाने में दर्ज एफआईआर में प्रशांत त्यागी और उनके साथियों पर हथियार दिखाकर मारपीट और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए थे। मामला अब पार्टी की अंदरूनी खींचतान से आगे बढ़कर राजनीतिक और सामाजिक तनाव का रूप लेता दिख रहा है।