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Ghaziabad News: अब एंबुलेंस या निजी साधनों से नहीं ढोनी पड़ेंगी अस्पताल की दवाएं

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गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को अब एंबुलेंस, शव वाहन या निजी साधनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। ड्रग वेयरहाउस से अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी तक दवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी अब निर्धारित व्यवस्था के तहत होगी। इसके लिए शासन स्तर से बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दवा ढुलाई की पुरानी अव्यवस्था खत्म होने के साथ अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता भी बेहतर होने की उम्मीद है।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि यूपीएमएससीएल के तहत गाजियाबाद समेत प्रदेश के सभी जिलों में स्थित ड्रग वेयरहाउस से अस्पतालों तक दवाओं के परिवहन के लिए पहले जारी शासनादेश का कड़ाई से पालन कराया जाए।
अब तक कई जिलों में अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक दवाएं पहुंचाने में स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी उठानी पड़ती थी। कई मामलों में निजी साधनों से दवाएं लानी पड़ती थीं, जबकि कुछ स्थानों पर एंबुलेंस और शव वाहन तक दवा ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इससे मरीजों की सुविधा के लिए उपलब्ध वाहनों के उपयोग पर भी असर पड़ता था।
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नई व्यवस्था के तहत दवाओं को ड्रग वेयरहाउस से अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए शासन से निर्धारित धनराशि आवंटित की जाएगी। इससे दवाओं की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता बेहतर होने से मरीजों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने शासन का पत्र मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बजट आवंटन और दवाओं के परिवहन को लेकर शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
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