गाजियाबाद। डेबिट कार्ड और यूपीआईडी न होने के बावजूद भी किसान के खाते से साइबर ठगों ने 27.35 लाख रुपये यूपीआई के जरिये अलग-अलग तारीखों में निकाल लिए। खास बात यह रही कि ट्रांसफर हुई रकम का उनके पास कोई मैसेज तक नहीं आया। खाते से रकम 2025 में मई, जून और जुलाई में निकाली गई। अगस्त माह में किसान सम्मान निधि की किस्त आने की जानकारी लेने बैंक शाखा गए, तो उनको इस बात का पता चला। हालांकि मामले में रिपोर्ट 22 फरवरी 2026 को कविनगर थाने में दर्ज की गई।
रजापुर निवासी संजीव कुमार का बचत खाता बैंक ऑफ बड़ौदा के नवयुग मार्केट स्थित शाखा में है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 को वह बैंक शाखा में किसान सम्मान निधि की जानकारी लेने के लिए गए थे। बैंक कर्मी ने बताया कि उनके खाते में धनराशि नहीं है साथ ही यह भी बताया कि मई से लेकर जुलाई 2025 तक यूपीआई के जरिये उनके खाते से पैसा निकाला गया है। संजीव का कहना है कि उन्होंने अपने खाते से कोई एटीएम और डेबिट कार्ड जारी ही नहीं कराया। कभी यूपीआई का प्रयोग भी नहीं किया है।
पहले जारी हुआ डेबिट कार्ड फिर बनाई यूपीआई आईडी
संजीव का कहना है कि उन्होंने इस मामले में जानकारी की, तो पता चला कि ठग ने उनके खाते पर डेबिट कार्ड जारी कराकर उनके नाम पर यूपीआई जारी कर लिया और उसी से तीन माह में 27.35 लाख की धनराशि निकाल ली। खास बात यह रही कि उनको इसका कोई मैसेज तक नहीं मिला। डेबिट एटीएम कार्ड जारी करते समय उनसे कोई जानकारी भी नहीं मांगी गई। किसी बैंक प्रतिनिधि ने उनको फोन करके संपर्क करने की जरूरत तक नहीं समझी।
पीड़ित का आरोप है कि इसमें बैंक कर्मियों की भी मिलीभगत है। उनके हस्ताक्षर के बिना कैसे डेबिट कार्ड जारी करने की कागजी औपचारिकता पूरी हुई। एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि जांच कराई जा रही है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनको फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। खातों के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।