‘एनएच-24 के चौड़ीकरण, दिल्ली-मेरठ हाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का काम निर्धारित समय सीमा के अंदर ही समाप्त कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री इन योजनाओं का शिलान्यास कर चुके हैं।
अब जल्द ही लोगों को इसका फायदा मिलने लगेगा।’ बृहस्पतिवार को यह बातें केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पत्रकारों के साथ हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कहीं।
बृहस्पतिवार को शाम चार बजे से पांच बजे तक केंद्रीय मंत्री का यूपी के पत्रकारों से वीडियो कांफ्रेंसिंग का कार्यक्रम तय किया गया था।
इसमें प्रदेश भर के पत्रकारों ने सड़क एवं परिवहन से संबंधित क्षेत्रीय समस्याओं को उठाया। इसमें प्रत्येक जनपद के लिए पांच-पांच मिनट का समय पहले से ही निर्धारित था। गाजियाबाद में भी कलक्ट्रेट स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग हॉल में पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से सवाल पूछे।
मीडिया ने सबसे पहले एनएच-24 के चौड़ीकरण और दिल्ली-मेरठ हाईवे का मुद्दा उठाया। पत्रकारों का कहना था कि हाईवे के लिए गाजियाबाद से मेरठ के बीच करीब दर्जन भर गांवों में जमीन का मसला अभी सुलझा नहीं है।
मुआवजे को लेकर किसान अभी विरोध जता रहे हैं। इसके अलावा एनएच-24 के तीन चरणों में होने वाले चौड़ीकरण कार्य में भी एक चरण के लिए अभी फर्म भी निर्धारित नहीं हो सकी है। इसके अलावा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। फिर भला क्या सरकार समय रहते अपने इन प्रोजेक्ट को पूरा कर पाएगी।
इस पर केंद्रीय मंत्री का कहना था कि मुआवजे के मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। एनएच-24 के चौड़ीकरण के लिए दो चरणों में होने वाले कार्य का टेंडर छोड़ा जा चुका है, जबकि एक चरण के लिए सिर्फ सिंगल बिड ही आई थी।
ऐसे में जुलाई में दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। गडकरी का कहना था कि अगर सिंगल बिड पर ही टेंडर छोड़ दिया जाता तो फिर पत्रकार ही सरकार के निर्णय पर उंगली उठाते। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के मामले में उनका कहना था कि इसमें कोई रुकावट नहीं है।
इसके शुरू होने की समय सीमा 2018 है, मगर उम्मीद है कि इसे समय से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रविंद्र कुमार और मैनेजर टेक एसके मिश्रा के साथ ही मीडियाकर्मी मौजूद रहे।