तालाबों का जीर्णोद्धार न कराने के मामले में एनजीटी ने प्रमुख सचिव नगर विकास को तलब किया तो अफसरों को तालाबों की याद आई। अब नगर निगम और जिला प्रशासन मिलकर जल्द ही 43 तालाबों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराएंगे। इनमें 11 तालाब लोनी क्षेत्र के हैं।
नगर निगम सीमा क्षेत्र में 134 तालाबों का अस्तित्व खो चुका है। निजी संस्थाओं और लोगों ने ही नहीं सरकारी विभागों ने भी तालाबों पर कब्जा कर इमारतें खड़ी कर दी हैं। शहर की एकमात्र अर्थला झील पर भी कब्जे कर मकान बना लिए गए हैं।
कड़कड़ मॉडल निवासी व पर्यावरण प्रेमी सुशील राघव ने तालाबों को खाली कराने के लिए एनजीटी में करीब दो साल पहले याचिका दाखिल की थी। एनजीटी ने नगर निगम, डीएम और मुख्य सचिव को तालाब खाली कराने के आदेश दिए थे।
यही नहीं तालाबों को कब्जामुक्त कराने के क्षेत्र में किए गए कार्यों की रिपोर्ट हर महीने एनजीटी में पेश करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब 25 मई को इस मामले में एनजीटी में प्रमुख सचिव नगर विकास की पेशी हुई तो गाजियाबाद से लेकर लखनऊ तक में हड़कंप मच गया।
नगर निगम और जिला प्रशासन ने अब सबसे पहले ऐसे 43 तालाबों का जीर्णोद्धार कराने की तैयारी की है, जिन पर कब्जा नहीं है, लेकिन मिट्टी भरकर पाट दिए गए हैं। डीएम मिनिस्ती एस. ने मंगलवार को सभी तहसीलों के एसडीएम, अपर नगरायुक्त, नगर पालिकाओं व पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिये घटते जल स्तर को रोकना होगा। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल पर्यावरण संरक्षण के लिये उन्होंने बिना कब्जे वाले तालाबों की तत्काल खुदाई और सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी ने तालाबों के चारों ओर सोलर लाइट, पैदल पथ, बेंच-कुर्सियां, छायादार एवं फूल वाले पौधे लगाकर पिकनिक स्थल के रूप में विकसित किया जाए। तालाब के रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय लोगों के हवाले की जाए ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
डीएम ने कहा कि बड़े पैमाने पर कराए जाने वाले इस कार्य में जनसहयोग लिया जाए। जल संरक्षण व पर्यावरण संतुलन के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता खुदाई और मेंटेनेंस कार्य में तकनीकी सलाह दी जाएगी।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई ने बताया कि तालाबों की 2.5 मीटर तक खुदाई कार्य में विशेष तकनीकी सहायता की जरूरत नहीं होगी, 2.5 मीटर खुदाई के बाद सभी तालाबों के लिए उनके विभाग से तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।
वहीं अपर नगरायुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि निगम क्षेत्र में 40 तालाबों पर अतिक्रमण नहीं है। प्रतिदिन एक तालाब की खुदाई कराने की योजना बनाई गयी है। बैठक में सीडीओ रमेश रंजन, संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रेम रंजन सिंह, सभी एसडीएम व निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।