मिट्टी का कलश जौ बोने के लिए पात्र मिट्टी, जौ, गंगाजल, फूल, 9 मिठाई, फल रोली, चावल, कलाक, प्रसाद भोग तैयार करें। सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर मंदिर की सफाई करें। पटरा या चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवती मां की मूर्ति रखें। पंडित दुलीद कौशिक ने बताया कि इस बात का ध्यान रखें कि कलश स्थापना या भगवती मां के आह्वान में भगवती मां का मुख पश्चिम की ओर हो और आपका मुंह उनके सामने पूरब की ओर हो। कलश के दायीं तरफ दीपक जलाकर रखें।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
- सुबह 6:04 बजे से 7:30 बजे तक मीन लग्न
- सुबह 9:06 तक मिथुन लग्न
- सुबह 11:00 बजे तक वृषभ लग्न है
- शाम 03:34 बजे से 05:51 बजे तक सिंह लग्न रहेगा