गिरीश त्यागी को जेल ले जाते पुलिसकर्मी
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नरेश त्यागी हत्याकांड में फरार चल रहे गिरीश पाल त्यागी ने आखिरकार 14 माह बाद सरेंडर कर दिया। गाजियाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष समेत वकीलों के घेरे में गिरीश कोर्ट पहुंचा। सीजेएम कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज करने पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गिरीश पाल त्यागी के सरेंडर के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी का आरोप है कि गिरीश के साले, बेटे व अन्य लोगों ने उन्हें कोर्ट में नहीं घुसने दिया। साथ ही सभी भाइयों की हत्या की धमकी दी। अभिषेक त्यागी ने डीएम ऑफिस में शिकायत देकर कार्रवाई और सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं, गिरीश पक्ष ने भी नरेश त्यागी के परिजनों पर कोर्ट परिसर में हंगामे व जानलेवा हमले की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
अभिषेक त्यागी ने डीएम कार्यालय में दी शिकायत में कहा है कि गिरीश पाल त्यागी उनके पिता की हत्या में एक साल से भी अधिक समय से फरार चल रहा था। सोमवार सुबह उसने अपने अधिवक्ताओं के संरक्षण में कोर्ट में सरेंडर किया। वह अपने भाई और अधिवक्ता के साथ सीजेएम कोर्ट में पहुंचे। वहां उनके अधिवक्ता तो कोर्ट में चले गए, लेकिन गिरीश पाल त्यागी के साले बबली त्यागी, बेटे मोहित त्यागी व अन्य लोगों ने दबंगई दिखाते हुए उन्हें कोर्ट में अंदर नहीं घुसने दिया। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए झगड़े पर उतारू हो गए।
बारी-बारी से करा देंगे सभी भाइयों की हत्या
अभिषेक त्यागी के मुताबिक गिरीश पाल त्यागी के साले बबली त्यागी ने उन्हें धमकी दी कि अब तुम सभी भाइयों को अंजाम भुगतना होगा। वह सभी भाइयों की हत्या करा देंगे। बबली त्यागी ने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस-प्रशासन का पूरा सहयोग है। अभिषेक त्यागी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।