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एक मंच पर आए केसी और जयंत, बढ़ी हलचल

Sat, 01 Oct 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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अन्य - फोटो : अमर उजाला
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बसपा से निष्कासित एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य नरेंद्र कश्यप के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल होकर रालोद नेता जयंत चौधरी और जदयू नेता केसी त्यागी राजनीतिक हलके में हलचल पैदा कर गए।
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बसपा सांसद ने कश्यप समेत ओबीसी की 17 जातियों को एससी में शामिल कराए जाने का मुद्दा उठाकर शुक्रवार को कलक्ट्रेट के बाहर धरने-प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया था।
धरने पर पहुंचे जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि नरेंद्र कश्यप को आज किसी पार्टी के झंडे या टोपी की आवश्यकता नहीं है।

पार्टी ने जितना उनका कद बढ़ाया था, उतना वह सूद समेत पार्टी को वापस कर चुके हैं। पिछड़ों की हक की लड़ाई में वह हमेशा साथ हैं। उनका कहना था कि नरेंद्र कश्यप पिछड़ी जाति के लोगों के कद्दावर नेता हैं और पश्चिमी यूपी से किसी भी पार्टी को प्रभावित करने का दम रखते हैं।
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रालोद मुखिया अजित सिंह के बेटे और रालोद नेता जयंत चौधरी के इस कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद से ही नरेंद्र कश्यप के रालोद में शामिल होने के कयास लगाए जाने लगे हैं। माना जा रहा है कि बसपा से निष्कासित नरेंद्र कश्यप अब जल्द ही रालोद की नाव पर सवार हो सकते हैं।

जयंत चौधरी ने कहा कि जदयू और रालोद पश्चिमी यूपी में गठबंधन कर सकते हैं। बड़ौत में 4 अक्तूबर को होने जा रही रैली में इसकी घोषणा की जा सकती है। जयंत ने कहा कि अभी दिल मिले हैं, अगर कश्यप चाहेंगे तो दल भी मिल जाएगा।उधर, हिमांशी मौत प्रकरण के बाद शुक्रवार को नरेंद्र कश्यप और हीरालाल कश्यप दूसरी बार एक साथ मंच पर नजर आए।

हीरालाल कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र कश्यप ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में गरीब और पिछड़ों की आवाज उठाई है। हमेशा उनके उत्थान की मांग करते रहे हैं। पिछड़े अगर एक हो जाएं तो इस बार विधानसभा चुनाव में समीकरण ही कुछ ओर होंगे।


नरेंद्र कश्यप ने कहा कि वह पिछड़ी जाति के लोगों के लिए सड़क से संसद तक संषर्घ करते आ रहे हैं, मगर केंद्रीय और प्रदेश सरकारों के बीच समन्वय ठीक न होने के कारण अभी तक कश्यप समेत 17 पिछड़ी जातियों को एससी श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि अब अपने हक के लिए वह राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि महर्षि कश्यप निषादराज जयंती के अवसर पर 5 अप्रैल को राष्ट्रीय अवकाश घोषित होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही ध्यान नहीं दिया गया तो राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। इस अवसर पर त्रिलोक त्यागी, रालोद जिलाध्यक्ष अजय प्रमुख, एडवोकेट अजयवीर चौधरी, अमरजीत सिंह बिड्डी, पुष्पेंद्र चौधरी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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