गाजियाबाद। व्यावसायिक भवन स्वामियों को भी भवन कर में 92 फीसदी तक की छूट मिलेगी। नई दरों के हिसाब से इन भवन स्वामियों को वर्ष 2024 की अपेक्षा 21 फीसदी तक अधिक धनराशि चुकानी होगी। इसी तरह आवासीय भवनों को चार प्रकार की स्थायी छूट का लाभ दिया जाएगा। इसमें सर्वाधिक 40 फीसदी तक की छूट शामिल है। साथ ही कर को लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर करने के लिए निगम मुख्यालय के अलावा सभी जोनल कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनेगी। बृहस्पतिवार को नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि शासन से नई दरें लागू होने के बाद आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर लगने वाले कर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसको दूर करने के लिए अपर नगर आयुक्त अनविंद्र कुमार की अध्यक्षता में टीम बनाई गई है।
यह टीम हेल्प डेस्क और जोनल कार्यालयों के प्रभारियों से समन्वय कर आने वाले लोगों को नई दरों के बारे में स्पष्ट व आसान शब्दों में बताएंगे। पार्षदों का भी सहयोग लेकर लोगों को समझाया जाएगा।
आवासीय भवन के कर निर्धारण को ऐसे समझें
नगर आयुक्त ने बताया कि समय पर कर जमा करने पर 20 फीसदी, ऑनलाइन भुगतान पर दो फीसदी और कूड़ा पृथक्करण के लिए 10 फीसदी की छूट सभी को मिलेगी। इसके अलावा 10 वर्ष तक पुराने भवन पर 25 फीसदी, 20 वर्ष तक पुराने भवन पर 32.5 फीसदी और 20 वर्ष से अधिक पुराने भवन पर 40 फीसदी की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इस तरह 12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बने 100 वर्ग गज के 10 वर्ष तक पुराने भवन पर जिस भवन स्वामी को पहले गृहकर के रूप में 1965 चुकाने पड़ रहे थे, अब उनको 446 रुपये अधिक यानी कुल 2411 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह 20 वर्ष तक पुराने भवन पर 205 रुपये अधिक यानी 2170 और 20 वर्ष से अधिक पुराने भवन पर वर्ष 2024 की अपेक्षा 37 रुपये कम यानी 1928 रुपये जमा करने होंगे। इसी प्रकार 24 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बने 10 साल पुराने भवन पर 2477 के बजाय 2971, 20 साल तक पुराने भवन पर 2477 के बजाय 2674 और 20 साल से अधिक पुराने भवन पर 2477 के बजाय 2377 रुपये देने होंगे। वहीं, 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर बने 10 वर्ष पुराने भवन के लिए 3595, 20 साल तक के पुराने भवन के लिए 3235 और 20 साल से अधिक पुराने भवन के लिए 2876 रुपये जमा करने हाेंगे।
व्यावसायिक भवन के लिए कर को ऐसे समझें
नगर आयुक्त ने बताया कि व्यावसायिक भवनों को भी सभी प्रकार की छूट के दायरे में लाया गया है। 100 वर्ग गज के 12 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर बने भवन के लिए 20094, 24 मीटर तक चौड़ी सड़क पर बने भवन के लिए 24764, 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर बने भवन के लिए 29963 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसमें अधिकतम वृद्धि 21 फीसदी तक हुई है।
इसलिए जरूरी कर में थोड़ी वृद्धि
नगर आयुक्त ने बताया कि जो भी छूट दी गई हैं, वह नगर निगम एक्ट के प्रावधानों के अनुसार दी गई है। सभी छूट स्थायी हैं। कर में वृद्धि करने के पीछे मंशा है कि सरकार की सीएम ग्रिड, अमृत, वैश्विक नगर उदय समेत कई योजनाओं का लाभ नगर वासियों को मिल सके। यह इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि 100 करोड़ का कर औद्योगिक इकाइयों के यूपीसीडा में चले जाने से खत्म हो गया है।