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बिना फायर सेफ्टी के चल रहीं पांच सौ से ज्यादा फैक्ट्रियां

Tue, 16 May 2017 11:09 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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fire - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। जिले में करीब 500 से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां बिना फायर सेफ्टी के चल रही हैं। इन औद्योगिक क्षेत्रों में बुलंदशहर रोड, साउथ साइड, मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र, लिंक रोड, ट्रॉनिका सिटी, लोनी औद्योगिक आदि शामिल हैं। इसकी वजह से जिले में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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कारखाना निदेशक ओपी भारती के मुताबिक फैक्ट्रियों की जांच कराई जा रही है। अग्निशमन विभाग भी अपने स्तर से फायर सेफ्टी का निरीक्षण करेगा। रविवार को पांडव नगर स्थित गाजियाबाद। औद्योगिक नगरी में भगवान भरोसे चल रहे हैं उद्योग।

उद्योग लगाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की प्रक्रिया भी सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई है। यहां आग से निपटने के उपाय तो दूर बुनियादी सुविधाएं जैसे सीवर और पाइप लाइन तक नहीं है। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में स्थित पेंट फैक्ट्री में लगी आग पहली घटना नहीं है।
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पूर्व में भी कई फैक्ट्रियों में आग लग चुकी है, लेकिन प्रशासनिक  स्तर पर कोई इंतजाम नहीं किए गए। गाजियाबाद के जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में करीब 14 हजार फैक्ट्रियां रजिस्टर्ड हैं। जबकि बिना रजिस्टर्ड 40 हजार छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां यहां संचालित हो रही हैं।

इतनी ज्यादा फैक्ट्रियां होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम न तो फायर बिग्रेड के पास है और न ही उद्यमियों को इस ओर ट्रेंड किया जा रहा है। उद्यमियों की मानें तो ज्यादातर औद्योगिक क्षेत्र में पानी व सीवर की लाइनें बिछी नहीं हैं।

उद्यमियों ने खुद ही पानी की व्यवस्था की है। जबकि नगर निगम उद्यमियों से पानी व सीवर टैक्स के साथ हाउस टैक्स वसूलता है। वहीं उद्यमी भी लापरवाही करते हैं। फायर की एनओसी लेने के लिए कागजी खानापूर्ति की जाती है। दूसरी ओर फायर एनओसी लेने के नियम करीब 50 वर्ष पुराने हैं, जिन्हें पूरा करना भी संभव नहीं होता है।

केंद्र के जीएम सिद्धार्थ यादव ने बताया कि सरकार ने जिला उद्योग केंद्र को फैसिलिटी सेंटर बनाया है। यानी उद्योग केंद्र से उद्यमियों को फैक्ट्री लगाने के लिए सिर्फ एनओसी मिलती है। इसके आगे उद्यमियों को फायर की एनओसी के लिए अग्नि शमन विभाग में आवेदन करता है।

यदि किसी फैक्ट्री में आग लगती है तो उसमें उद्योग केंद्र की कोई भूमिका नहीं होती। उधर, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी अनिल गुप्ता का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों के लिए कुछ नहीं किया जा रहा। उद्योग बंधु की बैठक दिखावे के लिए होती है।
 
गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र की पेंट फैक्ट्री के केमिकल ड्रमों में लगी आग 48 घंटे बाद मंगलवार को भी ठंडी नहीं हो सकी। दमकल विभाग की टीम जांच के लिए फैक्ट्री पहुंची मगर ड्रम गर्म होने के चलते जांच नहीं हो सकी। अब बुधवार को टीम आग के कारणों की जांच करेगी।

बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या सी-124/125 स्थित वेलिकन पेंट्स नामक फैक्ट्री में रविवार देर रात आग लग गई थी। आग करीब छह घंटे में बुझ सकी थी। मगर सोमवार दोपहर तक केमिकल ड्रमों से धुआं निकलता रहा।

एफएसओ संजीव यादव ने बताया कि सोमवार को आग लगने के कारणों की जांच करने वह टीम के साथ फैक्ट्री पहुंचे। मगर केमिकल के ड्रम गर्म थे। कई ड्रमों से हल्का धुआं भी निकल रहा था। जिसकेचलते टीम लौट आई।

एफएसओ ने बताया कि बुधवार तक सभी ड्रमों के ठंडे होने की उम्मीद है।  इसके बाद आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी। हालांकि एफएसओ का कहना है कि शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट ही लग रहा है।
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