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UP: 500 से ज्यादा लोगों के साथ की 70 करोड़ की ठगी, दो शातिर गिरफ्तार; ऐसे लालच देकर बनाते थे शिकार

Sun, 08 Sep 2024 10:31 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, इंदिरापुरम (गाजियाबाद)।

सार

जांच में सामने आया है कि दोनों ने नोएडा सेक्टर-63 में कल्प वृक्ष ट्रेडिंग मास्टर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और हॉट सिक्योरिटी लिमिटेड व आयुर्वेद इंडिया ट्रेडिंग फर्म के नाम से गाजियाबाद में कंपनी खोली थी।
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रविन्द्र उर्फ नवाब (बाएं) और विनोद धामा (दाएं) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर 10 से 15 प्रतिशत ब्याज का लालच देकर 500 से ज्यादा लोगों से 70 करोड़ की ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को यूपी एसटीएफ की टीम ने वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित मोहन मीकिंस सोसायटी के फ्लैट से गिरफ्तार किया है। पकड़े ठग विनोद कुमार धामा और रविंद्र उर्फ नवाब निवासी ग्राम पावला बेगमाबाद बागपत हैं। एसटीएफ की टीम ने इनके पास से छह मोबाइल फोन, कंपनी का अकाउंट नंबर और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

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एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि विनोद कुमार धामा गिरोह का सरगना है। पूछताछ में विनोद ने बताया कि गिरोह के सदस्य लोगों से मिलकर बातचीत में उन्हें कंपनी की स्कीम बताकर निवेश का तरीका समझाते थे। दोनों ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और हैदराबाद के 500 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। दोनों जब लोगों से ज्यादा रकम निवेश करा लेते थे तो रातों-रात दोनों कंपनी बंद करके भाग जाते थे। कुछ दिनों फरारी काटने के बाद दोनों अलग जगह नई कंपनी खोल लेते थे।

जांच में सामने आया है कि दोनों ने नोएडा सेक्टर-63 में कल्प वृक्ष ट्रेडिंग मास्टर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और हॉट सिक्योरिटी लिमिटेड व आयुर्वेद इंडिया ट्रेडिंग फर्म के नाम से गाजियाबाद में कंपनी खोली थी। दोनों कंपनियों ने लोगों से करोड़ों रुपये निवेश करने के बाद भाग गए थे। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विनोद ने शेयर ट्रेडिंग का काम करने वाली अमेरिका की कंपनी एम-वे में कुछ दिन काम किया था, जहां उसने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग का काम सीखा था।

2022 में विनोद ने अपने साथी प्रवीण धामा उर्फ सोनू के साथ मिलकर कल्प वृक्ष ट्रेडिंग मास्टर कंपनी बनाई थी। इसमें वह खुद और रोहित खान निदेशक बने थे। इसके अलावा उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मास्टर नितेश से पांच लाख रुपये में ट्रेडिंग बोट खरीदी थी। इस मशीन से लोगों को ऑटोमैटिक ट्रेडिंग का झांसा देकर निवेश कराते थे। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ठगी के बाद दोनों आरोपी बैंकॉक भाग गए थे। टीम इनके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

चेन मार्केटिंग के जरिए भी फंसाते थे जाल में
पुलिस की पूछताछ विनोद धामा ने बताया कि शेयर ट्रेडिंग के अलावा वह लोगों को चेन मार्केटिंग (अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने) की योजना बनाकर भी वारदात को अंजाम देता था। इसमें कुछ लोगों को लीडर के रूप में आईडी बनाकर उन्हें लक्ष्य दिया जाता है। जिससे कि लीडर और लोगों को स्कीम से जोड़कर ज्यादा से ज्यादा निवेश करा सके। निवेशकों से तीन से चार महीने तक राशि अपने खाते में जमा कराने के बाद शातिर कंपनी और मोबाइल फोन बंद करके दूसरी जगह चले जाते थे।
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10 हजार के निवेश पर देते थे 14 हजार देने का लालच
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को 10 हजार रुपये निवेश करने पर मुनाफे के साथ खाते में 14 हजार रुपये लौटने का लालच देते थे। मोटी कमाई और मुनाफे के लालच में शातिर सदस्य लोगों से तीन लाख से ज्यादा की रकम निवेश कराते थे। शातिर विनोद के खिलाफ गौतमबुद्धनगर, उद्योग नगर सीकर राजस्थान और हैदराबाद में भी मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल टीम ने छह फोन और अकाउंट नंबर की जांच शुरू कर दी है। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि शातिरों के पास से मिले पांच खातों की लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
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