केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि टेक्सटाइल के क्षेत्र में वैसे कई संस्थाएं काम कर रही हैं, लेकिन निटरा फाइबर तकनीक पर रिसर्च कर रही है। 2014 से पहले इस पर किसी ने भी काम नहीं किया। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये टेक्सटाइल रिसर्च के लिए दिए हैं। 12 स्टार्टअप सरकार शुरू कर चुकी है। इनकी संख्या बढ़कर जल्द ही 150 होने वाली है।
नायलॉन और फाइबर का उत्पादन बढ़ाने के साथ उसकी गुणवत्ता के सुधार पर भी वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। नायलॉन, टायर बनाने में भी काम आता है। इस दौरान गिरिराज सिंह ने निटरा के नॉन वूमेन व फाइबर स्पिनिंग प्लांट का फीता काटकर उद्घाटन किया। निटरा में 25 साल की अवधि पूरा कर चुके 25 कर्मचारियों को भी सम्मानित किया। निटरा के चेयरमैन विदित जैन, डिप्टी चेयरमैन संदीप होरा, डॉ. प्रकाश वासुदेवन, सिटरा के निदेशक प्रग्नेश शाह, निटरा के महानिदेशक अरिंदम बासु, वस्त्र मंत्रालय के राजीव सक्सेना, रूप राशि आदि अनेक लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनी में दिखाए गए उत्पाद व मशीनें
निटरा के वैज्ञानिकों ने कपड़े की गुणवत्ता सुधार और कम समय में अधिक उत्पादन देने वालीं मशीनों की भी प्रदर्शनी में जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने सेना के जवानों के लिए बनाए गए कपड़ों का प्रदर्शन किया। अधिक सर्दी और गर्मी में त्वचा को राहत पहुंचाने वाले कपड़ों के बारे में भी उन्होंने प्रदर्शनी में जानकारी दी। खादी के कपड़ों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
सवालों पर साध ली चुप्पी
जनसंख्या नियंत्रण, बहराइच, मुजफ्फरनगर में हुए विवाद व बिहार सरकार पर पूछे गए सवाल पर गिरिराज सिंह ने चुप्पी साध ली। उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं, उसी से जुड़े सवालों पर वह जवाब दे सकते हैं।