मोदीनगर। निवाड़ी के सिखैड़ा मार्ग औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेडीमेट गारमेंट फैक्टरी में बुधवार सुबह तीन बजे भीषण आग लग गई। आग की ऊंची लपटों से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय चौकीदार सहित मौजूद चार श्रमिक फैक्टरी की तीसरी मंजिल पर फंस गए। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, मगर आग विकराल होती चली गई। सूचना पर मौके पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग में फंसे चौकीदार और मजदूरों को बाहर निकाला। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आगू पर काबू पाया जा सका।
राजनगर एक्सटेंशन निवासी कारोबारी पंकज कुमार जायसवाल और उनकी पत्नी सुमन रेडीमेट गारमेंट एक्सपोर्टर हैं। सिखैड़ा मार्ग औद्योगिक क्षेत्र में उनकी हॉलीस्टर एक्सपोर्ट प्रावेइट लिमिटेड के नाम से फैक्टरी है। पंकज ने बताया कि तीन मंजिला फैक्टरी में 60 मशीनेें है और लगभग 80 कर्मचारी काम करते है। मंगलवार रात 8.30 बजे फैक्टरी बंद होने के बाद लगभग सभी मजदूर अपने-अपने घर चले गए। चौकीदार उपेंद्र यादव निवासी अलीगढ़ के अलावा हेमंत यादव निवासी बिहार, सूरज और सुरेंद्र निवासी उन्नाव फैक्टरी में ही रहते हैं। उपेंद्र यादव और हेमंत ग्रांउड फ्लोर पर सो रहे थे। बाकी दोनों तीसरी मंजिल पर थे। बुधवार सुबह लगभग तीन बजे फैक्टरी में आग लग गई।
घुटन महसूस होने पर उपेंद्र और हेमंत नींद उठकर शोर मचाते हुए तीसरी मंजिल पर पहुंचे और सूरज व सुरेंद्र को जगाया। शोर सुनकर आसपास के फैक्टरी के कर्मचारी भी जाग गए और आग बुझाने का प्रयास किया। चारों श्रमिक आग में फंस गए। मौके पर जमा भीड़ उन्हें बचाने का प्रयास किया, मगर सफल नहीं हुए। सूचना पर दमकल की दो गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, मगर आग बढ़ती गई। इसके बाद दो और गाड़ी बुलाई गई। जेसीबी की मदद से दीवार को भी तोड़ा गया। आसपास की कई फैक्टरी खाली करा ली गई। दमकलकर्मियों ने अपनी जान पर खेलकर तीसरी मंजिल पर आग में फंसे चारों श्रमिकों का रेस्क्यू किया। आग के कारण फैक्टरी का सामान जल गया। फैक्टरी संचालक ने पांच करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया है।
फैक्टरी में आग बुझाने के नहीं थे पर्याप्त इंतजाम
सिखैड़ा मार्ग औद्योगिक क्षेत्र का आकार बढ़ता जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक ईकाइयां संचालित हो रही है। कई ईकाई ऐसी हैं जहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। क्षेत्र में आए दिन आग की घटनाएं होती रहती है। मगर जिम्मेदार विभाग मौन रहता है। यह फैक्टरी मात्र 150 वर्ग गज में चलाई जा रही थी। यहां पर 60 मशीनें लगी हुई है और 80 श्रमिक काम करते हैं। मगर आग बुझाने के पर्याप्त साधन नहीं है। फैक्टरी लगभग तीन साल से चल रही थी। मगर दमकल विभाग की तरफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बयान
रेडीमेट गारमेंट फैक्टरी में तीसरी मंजिल पर आग में फंसे चार श्रमिकों काे सुरक्षित आग से बाहर निकाल लिया गया। आग से कोई जनहानि नहीं हुई। आग से हुए नुकसान और कारण का पता लगाया जा रहा है। - अमित चौधरी, एफएसओ मोदीनगर