गाजियाबाद। खुद को नगर निगम का अधिकारी बताकर शातिर ने आवास विकास में फ्लैट दिलाने के नाम पर 60 लोगों से 9.70 लाख रुपये ठग लिए। फ्लैट का आवंटन नहीं होने पर पीड़ित ने नगर निगम में जाकर जानकारी की तो धोखाधड़ी का पता चला। मामले में गोविंदपुरम के रहने वाले अंकुर ने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर पवन, सचिन, मोनिका, सोनू शर्मा और पवन की बहन व जीजा के खिलाफ कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
अंकुर का कहना है कि नासिरपुर फाटक के पास रहने वाले पवन उर्फ आर्यन भास्कर, सचिन भास्कर से उनकी मुलाकात हुई। ये दोनों अपनी बहन मोनिका व दूसरी बहन के पति को नगर आयुक्त का सहयोगी बताते हैं। उन्होंने आवास विकास में फ्लैट की एक योजना में फ्लैट दिलवाने के नाम पर उनसे 21,500 रुपये ले लिए। इसके बाद अन्य लोगों को भी फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया और 60 लोगों के दस्तावेज लेकर करीब 9.70 लाख रुपये ले लिए। काफी समय बीत जाने के बाद जब फ्लैट नहीं मिला तो नगर निगम में जाकर इनकी जानकारी करने पर धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने 60 लोगों की आईडी और रुपये वापस मांगे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर आत्महत्या कर फंसाने की धमकी देने लगे। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।