गाजियाबाद। मेरठ रोड स्थित महिंद्रा के शोरूम मालिक ने अपने ही स्टॉफ पर करीब 70 लाख रुपये गबन करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है कि मैनेजर, सेल्समैन और अन्य स्टॉफ ने चार स्कॉर्पियो और एक थार फर्जी तरीके से बेच डाली। इसका रुपया कंपनी के खाते में न पहुंचाकर निजी खातों में लिया गया। एसीपी नंदग्राम ने बताया कि मामले की जांच एंटी फ्रॉड सेल को सौंपी गई है।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि मेरठ रोड स्थित महिंद्रा शोरूम के मालिक का आरोप है कि अप्रैल में शोरूम का ऑडिट किया गया। ऑडिट में सामने आया कि फरवरी और मार्च में चार स्कॉर्पियो और एक थार फर्जी तरीके से बेची गई है। आरोपी स्टॉफ ने ग्राहकों को फर्जी रसीद दी और सस्ती दरों पर वाहन बेच डाले। ऑडिट में सामने आया कि आरोपियों ने ग्राहकों से अपने निजी खातों में भुगतान कराया और मात्र डाउन पेमेंट कंपनी के खातों में ट्रांसफर की।
आरोप है कि शोरूम के एंट्री कार्ड से लेकर लेजर जैसे दस्तावेजों में भी छेड़छाड़ की गई। आरोपियों ने ग्राहकों से मिलीभगत कर सस्ते दामों में वाहनों को बेच दिया है। पीड़ित ने शोरूम के मैनेजर सहित अन्य स्टॉफ और ग्राहकों के खिलाफ तहरीर दी है। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच एंटी फ्रॉड सेल को सौंप दी गई है। आरोपियों को अपने-अपने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजे गए हैं। दो नोटिस आरोपियों को भेज दिए गए हैं। जांच में आरोपियों की पहचान होने पर प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजे जाएंगे। फिलहाल एंटी फ्रॉड सेल की रिपोर्ट का इंतजार है।
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आईटीएमएस और पुलिसकर्मियों की नजर से भी बचे
एसीपी नंदग्राम ने बताया कि फर्जी तरीके से बेची गई चार स्कॉर्पियो और एक थार आईटीएमएस और यातायात पुलिसकर्मियों के हत्थे भी नहीं चढ़ी। पीड़ित का आरोप है कि बगैर रजिस्ट्रेशन के पांचों वाहनों को चलाया गया है। शोरूम से खरीद संबंधी आरोपियों के पास कोई दस्तावेज भी नहीं थे। बताया कि ऐसा संभव नहीं है कि बगैर दस्तावेज के शहर में वाहन चलाया जा सके। ऐसे में फर्जीं दस्तावेजों, बिल और भुगतान रसीद आदि की भी जांच की जा रही है।