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Ghaziabad News: टीबी अस्पताल में मशीन खराब, मरीजों की जेब पर पड़ रहा बोझ

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गाजियाबाद। टीबी जैसी संक्रामक बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए जांच कराना परेशानी का सबब बना हुआ है। टीबी अस्पताल में तीन दिन पहले एक्सरे तकनीशियन की तैनाती तो हो गई, लेकिन चार दिन से मशीन खराब होने के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में लंबी कतार के चलते कई मरीज निजी केंद्रों पर जांच कराने के लिए मजबूर हैं, जहां उन्हें 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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टीबी अस्पताल में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें 70 से अधिक मरीजों को एक्सरे कराने की सलाह दी जाती है, लेकिन अस्पताल में मशीन का एक पुर्जा खराब होने से जांच बंद है। ऐसे में मरीजों को एमएमजी अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
एमएमजी अस्पताल में पहले से ही मरीजों का दबाव है। टीबी अस्पताल की मशीन बंद होने से यहां एक्सरे कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीजों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। टीबी ग्रस्त और संभावित मरीजों के सामान्य मरीजों के साथ कतार में खड़े होने से संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी हुई है। वहीं, लंबे इंतजार के कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है।
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लालकुआं निवासी एक महिला ने बताया कि टीबी अस्पताल में एक्सरे नहीं होने के कारण उन्हें निजी केंद्र पर 300 रुपये खर्च करने पड़े। एमएमजी अस्पताल में कतार इतनी लंबी है कि दो दिन में भी जांच का नंबर मिलना मुश्किल है।
जिला क्षय रोग अधिकारी अनिल यादव ने बताया कि एक्सरे मशीन को जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिन पहले तकनीशियन विपिन कुमार वर्मा ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
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