राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को अलग-अलग प्रकृति के करीब 70 हजार मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 104 वैवाहिक मामले भी शामिल हैं। उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर जिला जज राम कृष्ण उपाध्याय के निर्देशन में अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित 41 मामलों का निस्तारण हुआ।
इसमें 1 करोड़ 68 लाख 96 हजार रुपये का प्रतिकर पीड़ितों को दिलाया गया। 18 मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर से संबंधित मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया, जिसमें 1 करोड़ 13 लाख 87 हजार रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़ितों को दिलाई गई।
वैवाहिक मामलों से संबंधित वादों का निस्तारण परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शमशेर चंद्र त्रिपाठी के न्यायालय में हुआ। इसमें 104 मामले निस्तारित किए गए। समझौते में 1 करोड़ 99 लाख 72 हजार रुपये की रकम दी गई।
लीड बैंक मैनेजर आरएस मीना के प्रयास से विभिन्न बैंकों के लोन रिकवरी से संबंधित 198 प्री.लिटिगेशन मामलों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार हुआ, जिसमें 1 करोड़ 78 लाख रुपये का सेटलमेंट हुआ।
इनके अलावा मजिस्ट्रेट न्यायालयों द्वारा मोटर वाहन अधिनियम, पुलिस अधिनियम, जीडीए चालान, लेबर एक्ट के चालान, बाट माप अधिनियम के चालान से संबंधित करीब 14 हजार मामलों का निस्तारण किया गया, जिनमें 15 लाख रुपये की अर्थदंड के रूप में वसूले गए। जिलाधिकारी के अधीन रेवेन्यू आदि न्यायालयों और कार्यालयों द्वारा लंबित 55 हजार मामले निस्तारित किए गए।
लोक अदालत की प्रक्रिया से हुए रूबरू
रॉयल कॉलेज ऑफ लॉ के स्टूडेंट्स ने गाजियाबाद जिला न्यायालय परिसर में आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया को जाना। संस्थान के प्रवक्ता कपिल मिश्रा, इमरान खान व किरन भारती के मार्गदर्शन में स्टूडेंट्स ने इंश्योरेंस, बैंक लोन, चालान संबंधी मामलों की सुनवाई को देखा।