अब गैस लाइन और फाइबर केबल डालने के दौरान नगर निगम की सीवर-वाटर लाइन नहीं टूटेगी। नगर निगम सीवर-वाटर लाइन के नक्शे तैयार कर ऑनलाइन करेगा। गैस और मोबाइल कंपनियों को भी खुदाई की परमिशन लेने के दौरान ले-आउट प्लान निगम में जमा कराना होगा।
कंपनियों को नक्शा जमा कर बताना होगा कि उनकी लाइन की लोकेशन क्या होगी। खुदाई के चलते आए दिन होने वाली परेशानी और लाखों के नुकसान के बाद निगम अफसरों ने अब नक्शे ऑनलाइन करने की तैयारी है।
दरअसल, नगर निगम में न तो सीवर-वाटर लाइनों के नक्शे रिकार्ड में हैं और न ही पीएनजी लाइन और अंडरग्राउंड बिजली व मोबाइल केबल का ले-आउट प्लान मौजूद है। ऐसे में जब भी गैस, मोबाइल और विद्युत निगम खुदाई करता है तो निगम की वाटर-सीवर लाइन डैमेज हो जाती हैं।
इससे न केवल निगम को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब नगर निगम इस मामले में भी हाईटेक होगा और सीवर-वाटर, गैस और मोबाइल लाइनों का रिकार्ड वेबसाइट पर रखेगा। नगर निगम बोर्ड ने भी इस पर सहमति दे दी है।
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ऐसी प्लानिंग की जा रही है कि रोड कटिंग से पहले प्राइवेट कंपनियां अपनी लाइनों के नक्शे निगम में जमा करेगी, ताकि उन्हें ऑनलाइन किया जा सके। निगम के पास मौजूद सीवर-वाटर लाइनों के नक्शे भी ऑनलाइन किए जाएंगे। इस प्रक्रिया को जल्द ही शुरू किया जाएगा। नक्शे ऑनलाइन हो जाने से खुदाई में सीवर-वाटर लाइनें नहीं टूटेंगी। - अशु वर्मा, महापौर