सिकरोड़ गांव में शनिवार की रात देखा गया जानवर तेंदुआ नहीं था, ऐसा वन विभाग का मानना है। विभाग के अनुसार पंजों के निशान की जांच की गई जिसमें निशान किसी डॉग प्रजाति के पाए गए। वन विभाग को शक है कि उस रात भेड़िया आया होगा।वन विभाग द्वारा अब मंगलवार को गांव से पिंजरे केसाथ ही अपनी टीम भी हटा ली जाएगी।
क्षेत्रीय वन अधिकारी आसिफ शहजाद ने बताया कि शनिवार रात सिकरोड गांव में कुछ जगहों से पंजों के निशान लिए गए थे। जांच में निशान डॉग प्रजाति के निकले।
उन्होंने बताया कि उस रात जानवर स्कूल की दस फीट ऊंची दीवार फांद गया था इससे लगता है कि वह भेड़िया रहा होगा। शनिवारके बाद वन विभाग की टीम ने तीन दिन-रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया। दुबारा कहीं कोई पंजे का निशान नहीं मिला।
भोजन की तलाश में आबादी वाले इलाके में आते हैं जंगली जानवर
यह पहला मौका नहीं जब शहरी क्षेत्र में कोई जंगली जानवर देखा गया हो। हाल के वर्षों से लगातार मेरठ, गढ़ व अन्य जनपदों में तेंदुआ समेत अन्य जंगली जानवर देखे गए।
गाजियाबाद में भी एक वर्ष पूर्व दो मरे हुए तेंदुए मिले थे। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि जंगली जानवर अक्सर खाना-पानी की तलाश में आबादी वाले इलाके में चले आते हैं। जंगल का घटना इसका खास कारण है।