गाजियाबाद। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर वकील दो गुटों में बंट गए हैं। एक ओर जहां अधिवक्ता जल्द से जल्द चुनाव कराने पर अड़े हैं वहीं, दूसरी ओर वर्तमान पदाधिकारी बार काउंसिल के आदेश का हवाला देकर चुनाव टालने की बात कर रहे हैं। इसी विवाद के बीच शनिवार को बार सभागार में आम सभा की बैठक बुलाई गई, जिसमें भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
बैठक में अध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव अमित नेहरा और सहसचिव प्रशासन सोनिया को पद से मुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके साथ ही उपाध्यक्ष शबाना खान को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने आम बैठक को असंवैधानिक बताकर वरिष्ठ उपाध्यक्ष शबनम को कार्यकारिणी से बाहर कर दिया। जबकि एल्डर कमेटी के चेयरमैन देशराज का कहना है कि अगर वोटर लिस्ट मिल जाएगी तो चुनाव समय पर करा दिए जाएंगे। इसके लिए सोमवार को दोनों पक्षों से बात की जाएगी।
कार्यकारी अध्यक्ष चुनी गईं शबनम खान ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि तीन नवंबर तक मतदाता सूची तैयार कर दी जाएगी और 14 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी का कार्यकाल 19 जुलाई 2025 को समाप्त हो चुका है।
उधर, बार अध्यक्ष दीपक शर्मा ने आम सभा की बैठक को अवैध करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बार काउंसिल के आदेशों की अनदेखी कर जबरन 15 नवंबर से पहले चुनाव कराने पर आमादा हैं जो नियमों के खिलाफ है।
अध्यक्ष ने बताया कि बार एसोसिएशन ने पहले ही पांच दिसंबर को चुनाव कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बावजूद कुछ अधिवक्ता अनुशासन तोड़कर दबाव बना रहे हैं। दीपक शर्मा ने दावा किया कि बार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. शबनम खान की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उधर, एल्डर कमेटी ने भी आम सभा की बैठक का विरोध किया है।