गाजियाबाद। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद में जिला संयुक्त अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अभी पुरानी व्यवस्थाओं के बीच ही इलाज कराना पड़ रहा है। अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और इंटीग्रेटेड लैब तैयार करने का काम दो साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है।
मॉड्यूलर ओटी शुरू नहीं होने से डॉक्टर पुरानी ओटी में ही ऑपरेशन कर रहे हैं। वहीं, इंटीग्रेटेड लैब तैयार न होने के कारण जांच संबंधी कई काम एक ही कमरे में किए जा रहे हैं। इससे मरीजों के साथ कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और लोनी स्थित 50 बेड के अस्पताल में मॉड्यूलर ओटी तैयार करने का काम पिछले दो साल से चल रहा है। बावजूद तीनों जगह काम पूरा नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि ओटी के निर्माण में करीब पांच प्रतिशत काम अभी बाकी है।
इसी वजह से आधुनिक ऑपरेशन थिएटर को मरीजों के लिए शुरू नहीं किया जा सका है। डॉक्टरों को पुरानी ओटी में ही ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं। ऐसे में संक्रमण से बचाव और ऑपरेशन के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। मॉड्यूलर ओटी शुरू होने के बाद ऑपरेशन की सुविधाओं में सुधार होने की उम्मीद है।
15 लाख की लागत से बन रही लैब भी अधूरी
अस्पताल में करीब 15 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड लैब तैयार की जा रही है। इसका काम भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। लैब शुरू नहीं होने के कारण सैंपल टेस्टिंग और अन्य जांच संबंधी कार्यों के लिए एक ही कमरे का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पर्याप्त जगह नहीं होने से कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत हो रही है। अलग-अलग जांच प्रक्रियाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में भी परेशानी आ रही है। लैब तैयार होने के बाद जांच संबंधी कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
जल्द पूरा कराया जाएगा काम
अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मॉड्यूलर ओटी का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। बचा हुआ काम जल्द पूरा कराया जाएगा। इंटीग्रेटेड लैब का काम पूरा करने के लिए संबंधित लोगों को कई बार कहा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही दोनों परियोजनाओं का काम पूरा हो जाएगा और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।