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Ghaziabad News: बैंक की लापरवाही से नहीं मिली बीमा राशि, आयोग ने लगाया एक लाख रुपये जुर्माना

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गाजियाबाद। पत्नी के निधन के बाद पति को बीमा इंश्योरेंस की धनराशि नहीं मिलने पर उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने बैंक ऑफ इंडिया पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग के अध्यक्ष प्रवीण कुमार जैन ने निर्णय में कहा कि बैंक की लापरवाही और सेवा में कमी से बीमाधारक को योजना का लाभ नहीं मिला। निर्णय में पांच हजार रुपये अतिरिक्त खर्च और मानसिक पीड़ा के लिए देने का आदेश दिया है।
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आयोग से मिली जानकारी के अनुसार सर्वोदय नगर निवासी जगदीश कुमार की पत्नी का बैंक ऑफ इंडिया में खाता था। उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा लिया था। खाताधारक की मृत्यु 16 जून 2018 को इलाज के दौरान हो गई थी। बीमा पॉलिसियों के तहत परिवार को चार लाख रुपये की राशि मिलनी थी, लेकिन बैंक ने यह कहकर मना कर दिया कि जीवन बीमा योजना का नवीनीकरण नहीं हुआ था। वहीं जगदीश कुमार का कहना था कि बीमा की राशि हर साल खाते से स्वतः कटती थी। इसे बंद कराने के लिए किसी तरह की कोई अर्जी भी नहीं दी गई थी। उन्होंने कई बार बैंक से संपर्क किया लेकिन कोई मदद नहीं मिली। उल्टा उन्हें डांटकर भगा दिया गया।
बैंक ने समय पर नहीं काटी बीमा की किस्त
आयोग ने सुनवाई के बाद पाया कि बैंक ने समय पर बीमा की किस्त नहीं काटी और न ही उपभोक्ता को इसकी जानकारी दी। इस आधार पर उपभोक्ता फोरम ने माना कि बैंक की सेवा में लापरवाही हुई है। फोरम ने बैंक ऑफ इंडिया और उसके मुख्य कार्यालय को आदेश दिया कि वे एक लाख रुपये हर्जाना और पांच हजार रुपये अन्य खर्च के रूप में 45 दिन के भीतर जगदीश कुमार को दें। यदि तय समय पर भुगतान नहीं होता, तो छह वार्षिक ब्याज के साथ यह रकम देनी होगी। बीमा कंपनियों और अन्य पक्षों को फोरम ने दोषमुक्त कर दिया।
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