एसएसपी ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई तो पता चला कि थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए बयानों में हेर-फेर किया है, जिससे आरोपियों को फायदा पहुंचाया जा सके। विवेचना में बयानों की हेरफेर के चलते सोमवार को एसएसपी श्लोक कुमार ने थाना प्रभारी यशपाल सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही महिला सेल से सुनीता मलिक को थाने का प्रभारी बनाया है।
हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या में मुख्य आरोपी को भेजा था जेल
आसिफ ने आइडी, डीआइजी व एसएसपी को शिकायत देकर बताया था कि थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने वारदात के मुख्य आरोपी शौकीन को गिरफ्तार कर हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या की धाराओं में जेल भेजा था। आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी की मिलीभगत के कारण आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे।
जांच में थाना प्रभारी की लापरवाही सामने आई। कुछ पीड़ितों के बयानों में भी हेर-फेर किया गया, जिसके चलते थाना प्रभारी यशपाल सिंह को निलंबित किया गया है। -श्लोक कुमार, एसएसपी