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Bulandshahr: दंपती हत्याकांड में इंस्पेक्टर ने बयानों में किया हेरफेर, निलंबित, पढ़िए पूरा मामला

Mon, 26 Aug 2024 08:48 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

शिकायकतकर्ता ने एसएसपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी ने आरोपी पक्ष से 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेकर हत्या के मामले को कमजोर किया है। जांच में पता चला कि विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए बयानों में हेर-फेर किया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुलंदशहर के महौली गांव में हुए दंपती हत्याकांड के मामले में पीड़ित पक्ष के बयानों में हेर-फेर करने के मामले में एसएसपी ने थाना प्रभारी को निलंबित किया है। पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी ने आरोपी पक्ष से रिश्वत लेकर हत्या की धारा हटाई है। फिलहाल एसएसपी ने सुनीता मलिक को थाने का प्रभारी बनाया है।

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गुलावठी के गांव महौली में 15 अप्रैल को वृद्ध दंपती इशाक और जमीला की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान हुई मारपीट में छह से अधिक लोग भी घायल हुए थे। पुलिस की जांच में एक व्यक्ति की मौत कार से टकराने और दूसरे की हत्या किए जाने का मामला सामने आया था। मृतक इशाक के भतीजे और ग्राम प्रधान आसिफ ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपी शौकीन, आरिफ, शाहबेज, दिलशाद, आबिद, शाकिर समेत 22 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या, जानलेवा हमला समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। वारदात के बाद एसएसपी ने थाना प्रभारी को हटाते हुए 24 अप्रैल को यशपाल सिंह को थाना प्रभारी बनाया था। वारदात के कुछ समय बाद शिकायकतकर्ता आसिफ ने एसएसपी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी ने आरोपी पक्ष से 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेकर हत्या के मामले को कमजोर किया है। 

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एसएसपी ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई तो पता चला कि थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराए गए बयानों में हेर-फेर किया है, जिससे आरोपियों को फायदा पहुंचाया जा सके। विवेचना में बयानों की हेरफेर के चलते सोमवार को एसएसपी श्लोक कुमार ने थाना प्रभारी यशपाल सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही महिला सेल से सुनीता मलिक को थाने का प्रभारी बनाया है।

हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या में मुख्य आरोपी को भेजा था जेल
आसिफ ने आइडी, डीआइजी व एसएसपी को शिकायत देकर बताया था कि थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने वारदात के मुख्य आरोपी शौकीन को गिरफ्तार कर हत्या के बजाए गैर इरादतन हत्या की धाराओं में जेल भेजा था। आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी की मिलीभगत के कारण आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे।
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जांच में थाना प्रभारी की लापरवाही सामने आई। कुछ पीड़ितों के बयानों में भी हेर-फेर किया गया, जिसके चलते थाना प्रभारी यशपाल सिंह को निलंबित किया गया है। -श्लोक कुमार, एसएसपी
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