अवंतिका कालोनी के रेजिडेंट्स अब नगर निगम की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के इंतजार में हैं। महापौर ने पार्षदों और अफसरों की ज्वाइंट कमेटी गठित कर कालोनी में सुविधाओं की स्थिति का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं।
यह कमेटी एक सप्ताह में जांच प्रक्रिया शुरू कर देगी। हालांकि रेजिडेंट्स ने हाईकोर्ट जाने का विकल्प भी छोड़ा नहीं हैं। उनका कहना है कि निगम से राहत न मिली तो वह हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपना हक लेंगे।
आधी-अधूरी सुविधाएं विकसित कर अवंतिका कालोनी को बिल्डर ने गुपचुप नगर निगम के हैंडओवर कर दिया है। इसका खुलासा हुआ तो आरडब्ल्यूए इसके विरोध में हैं। निगम सदन में भी इस प्रकरण पर जमकर हंगामा हुआ।
निगम अफसरों ने कालोनी को टेकओवर करने के अपने फैसले को सही ठहराया, लेकिन पार्षदों के विरोध पर महापौर ने इसमें अफसरों और पार्षद की संयुक्त कमेटी गठित की है। कमेटी में कालोनी के पार्षद वीरेंद्र सिंह, चीफ इंजीनियर आरके मित्तल, जलकल, उद्यान, पीडब्ल्यूडी और तहसील के एक-एक अधिकारी रहेंगे।
उधर, अवंतिका आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष ह्रदेश कंसल का कहना है कि उन्हें महापौर की ओर से गठित की गई कमेटी पर भरोसा है। उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन फैसला रेजिडेंट्स के खिलाफ किया गया तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे।