पैगंबर हजरत मुहम्मद को लेकर अनर्गल टिप्पणी करने वाले महंत यति नरसिंहानंद गिरी को लेकर मामला अभी शांत नहीं हुआ है। यति नरसिंहानंद सरस्वती द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद यति नरसिंहानंद के बारे में जानकारी नहीं होने पर मामले में सोमवार को हिंदू संगठन पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे। पुलिस लाइन में बैरिकेडिंग करके लोगों को रोका गया। सैंकड़ों लोग पुलिस लाइन पहुंचे और हंगामा किया।
हिंदू वादी संगठन के प्रतिनिधियों ने पुलिस कमिश्नर से की मुलाकात करने के बाद कार्यालय से बाहर निकल कर बोले कि यहां जवाब मिला कि हमें नही पता महाराज कहां है तुम भी खोजो हम भी खोजते हैं। लोगों ने कहां कोई संतोष जनक नहीं मिला।
13 अक्तूब को करेंगे महापंचायत
उदिता त्यागी ने कहा कि हमें कोई संतोष जनक जवाब नहीं मिला है। अगर जल्दी हमें महाराज जी नहीं मिले तो हम 13 तारीख को महापंचायत करेंगे।
शिवशक्ति धाम डासना में रविवार को हिंदू संगठनों और संतों ने आपात बैठक की। बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि सोमवार को बड़ी संख्या में सभी संगठनों के सदस्य कमिश्नर कार्यालय पहुंचेंगे और उनको ज्ञापन देंगे। बैठक की अध्यक्षता महेश आहूजा ने की और संचालन डॉ. उदिता त्यागी और विनोद सर्वोदय ने की थी। बैठक में किसान नेता सहदेव त्यागी ने कहा था कि महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी के अवैध हिरासत पर हिंदू समाज चिंतित है।
उन्होंने कहा कि महामंडलेश्वर को पुलिस ने शिवशक्ति धाम से दबाव बना कर निकलवा दिया था। जहां से वह अपने शिष्य राजेश पहलवान के घर बम्हेटा चले गए थे। वहां उन्हें सहायक पुलिस आयुक्त और वेब सिटी के थानाध्यक्ष ने गिरफ्तार किया था। वह उन्हें पुलिस लाइन ले गए जहां दो दिन रखा गया। अब वह वहां भी नहीं हैं और उनको अभी तक अदालत में भी पेश नहीं किया गया है। उनका कहना था कि अगर महामंडलेश्वर के साथ कुछ हुआ तो उसके जिम्मेदार पुलिस अधिकारी होंगे।
अक्षय त्यागी ने कहा कि पुलिस आयुक्त के महामंडलेश्वर को अपमानित करने के बाद से बवालियों का हौसला बढ़ा है। डासना में पहले भी भाजपा मंडल अध्यक्ष डॉ. तोमर की हत्या हो चुकी है लेकिन यहां महामंडलेश्वर का मामला है, जिनके लिए लाखों हिंदू मर मिटेंगे। बैठक में आचार्य महामंडलेश्वर सच्चिदानंद महाराज, ओम भारती, नरीशानंद, वीनम माता, यति रामस्वरूपानंद, यति निर्भयानंद, यति रणसिंहानंद, वेद नागर, अनिल मावी, ममता सहगल सहित अन्य मौजूद रहे।