फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras Accident: भगदड़ में बुलंदशहर की वृद्धा-बच्ची की मौत, चश्मदीद बोला- आंखों के सामने दम तोड़ रहे थे लोग

Tue, 02 Jul 2024 10:52 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, छतारी (बुलंदशहर)

सार

हाथरस में हुए हादसे से वापस लौटे बुलंदशहर के निवासी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि करीब 1:30 बजे आरती प्रारंभ होने के दौरान महाराज जी सत्संग से निकले तो कुछ लोगों की भीड़ रास्ते की ओर महाराज जी को नजदीक से देखने के लिए एक साथ आगे बढ़ गई। 
विज्ञापन
वृद्धा माया देवी की हादसे में मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाथरस के सिकंदराराऊ के पास फूलमई मुगलगढी गांव में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से छतारी के त्यौर बुजुर्ग गांव निवासी 80 वर्षीय माया देवी की मौत हो गई। जबकि सुल्तानपुर बिलौनी निवासी 12 वर्षीय बच्ची ज्योति की भी मौत हो गई। दोनों की मौत की सूचना के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है। इसके अलावा जिलेभर में जगह-जगह से सत्संग में शामिल होने गए श्रद्धालुओं से परिजन संपर्क कर रहे हैं। वहीं नरौरा के जरगवां निवासी करीब 15 श्रद्धालु सकुशल वापस लौट आए हैं।

विज्ञापन

छतारी के गांव त्यौर बुजुर्ग निवासी शिवकुमार ने बताया कि उनकी चाची 80 वर्षीय मायादेवी बीते दिनों अपने मायके सिकंद्राराऊ के गांव अपने घर गई हुई थीं। जहां से वह भोले बाबा के सत्संग में शामिल होने के लिए फूलमई मुगलगढी गांव पहुंच गईं। बताया गया कि मंगलवार शाम को वह भी सत्संग के दौरान मौजूद थी। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि भगदड़ के दौरान माया देवी भीड़ के बीच में दब गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। काफी देर तक लोगों को यही पता नहीं चला की किसकी मौत हुई है और कौन जीवित है। भगदड़ के बाद लोग अपनों को वहां तलाशते रहे।

देर शाम माया देवी पुत्र विक्रम सिंह के पास फोन पहुंचा कि उनकी मां की हादसे में मौत हो गई है। सूचना मिलते ही उनके घर में चीख पुकार मच गई। गांव के लोग भी एकत्रित हो गए। परिजनों ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम था कि सत्संग में इस तरह का हादसा भी हो जाएगा। देर शाम विक्रम सिंह अपने परिवार के साथ अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए। वहीं पर माया देवी का पोस्टमार्टम होगा। वहीं छतारी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर बिलौनी निवासी ज्योति पुत्री जसवंत अपनी मां के साथ सत्संग में शामिल होने गई थी। उसकी में भगदड़ के दौरान मौत हो गई। ज्योति के पिता वर्तमान में अनूपशहर की नेहरूगंज कालोनी में रहते हैं। बताया गया कि ज्योति की मां भी हादसे में घायल हो गई हैं।

आंखों के सामने दम तोड़ रहे थे लोग, हर तरफ थी चीख-पुकार
हाथरस में हुए हादसे से वापस लौटे रामघाट थाना क्षेत्र के ग्राम जरगवां निवासी प्रेमपाल सिंह ने फोन पर बताया कि करीब 1:30 बजे आरती प्रारंभ होने के दौरान महाराज जी सत्संग से निकले तो कुछ लोगों की भीड़ रास्ते की ओर महाराज जी को नजदीक से देखने के लिए एक साथ आगे बढ़ गई। जिससे वहां चिकनी मिट्टी होने और बरसात हो जाने के कारण काफी फिसलन बनी हुई थी।

फिसलन के कारण लोग फिसल कर रास्ते के किनारे खाई नुमा नाली में गिरने लगे। भीड़ का काफी दबाव होने के कारण वहां भगदड़ मच गई। देखते ही देखते लोगों की चीख-पुकार मचनी शुरू हो गई और एक के ऊपर एक चढ़ता चला गया। उन्होंने बताया कि कुछ ही देर में लोगों ने उनके सामने ही दम तोड़ दिया। जैसे ही भगदड़ कम हुई तो वह भी राहत कार्य में जुट गए। 

उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उनके सामने ही दम तोड़ दिया। वहां का भयावह मंजर देखकर उनकी आंखों में भी आंसू आ गए। हर कोई अपने परिजनों या साथियों का नाम लेकर पुकार रहा था। कुछ देर के लिए चारो तरफ एक ही आवाज थी, भगवान किसी तरह बचा लो। कुछ लोग बोल रहे थे कि सांस नहीं आ रहा है। कई लोगों का सीना दबाकर उन्हें सांस देने की कोशिश भी की गई, लेकिन वह नहीं बच सके। प्रेमपाल ने बताया कि जीवन में भगवान किसी को ऐसा मंजर न दिखाए, कई परिवारों को अपनी आंखों के सामने उजड़ते हुए देखा है। किसी ने मां के सामने बेटे को खोया है तो किसी ने बेटे और बेटी के सामने मां को खोया है। प्रेमपाल ने बताया कि वह बस करके गए थे। उनके साथ बस में करीब 60 से अधिक लोग शामिल थे। इसमें नरौरा, निवाड़ी बांगर, वाजिदपुर आदि गांव के लोग शामिल थे।
विज्ञापन

हाथरस सत्संग से सकुशल वापस लौटे जरगवां के लोग
हाथरस के सिकंद्राराऊ के पास, गांव फूलमई मुगलगढी में चल रहे सत्संग में शामिल होने के लिए रामघाट थाना क्षेत्र के ग्राम जरगवां के 15 से अधिक श्रद्धालु गए थे। जो कि हादसे के दौरान वहां मौजूद थे। लेकिन सभी सकुशल वापस अपने घर लौट आए। जरगवां निवासी प्रताप सिंह , शीशपाल सिंह, करनपाल, कश्मीरी देवी, राजकुमारी, चंद्रपाल सिंह लोधी, भगवती, अर्चना, रुमाली देवी, धर्मेंद्र, आवेश कुमार दुर्घटना के दौरान वहां मौजूद थे। लेकिन सभी सकुशल लौट आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें