हापुड़ में पिलखुवा के अनवरपुर स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज की इंटर्न डॉक्टर के साथ रैगिंग करने और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पार्टी नहीं देने और शराब पीने से इनकार करने पर उसकी पिटाई की गई। उसके कपड़े फाड़े गए और बाल खींचकर कार से घसीटा गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झारखंड के रांची की निवासी युवती ने सरस्वती मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। वर्तमान में कॉलेज के बाहर पीजी में रहकर कॉलेज के अस्पताल में इंटर्नशिप कर रही है। उसका आरोप है कि पिछले पांच माह से सीनियर डॉ. अनु सिहाग (पीजी मेडिसिन), जूनियर डॉ. अंकिता चौधरी, डॉ. मोहित अग्रवाल, डॉ. नवनीत त्यागी और सार्थक सिंघल उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
डॉ. अनु उसके साथ रैगिंग करती है। 26 अप्रैल की रात करीब आठ बजे पांचों शराब के नशे में उसके पीजी में पहुंचे और शराब पीने का दबाव बनाने लगे। इनकार करने पर उसका सिर दीवार पर मार दिया, हाथ मरोड़ते हुए कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद उसकी पिटाई की, बाल खींचे। यही नहीं उसे कार से भी घसीटा।
इंटर्न डॉक्टर का कहना है कि आए दिन पार्टी न देने और शराब न पीने पर उसे प्रताड़ित किया जाता है। वह मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान है। उसने शुरू में ही फोन पर परिजनों को जानकारी दी थी। परिजनों के रोकने पर पहले पुलिस से शिकायत नहीं की थी। अब हद पार होने पर पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया।
मेडिकल कालेज में इंटर्न डॉक्टर को उसके कुछ साथियों द्वारा परेशान करने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सर्वेश कुमार मिश्रा, एएसपी
मामले का कॉलेज और अस्पताल से कुछ लेना देना नहीं है। पीड़िता और आरोपी सभी कालेज परिसर के बाहर पीजी में रहते हैं। घटना भी कॉलेज के बाहर हुई है। -आरसी पुरोहित, कॉलेज प्राचार्य
प्रतिष्ठित परिवारों के बताए जा रहे हैं आरोपी
पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले में आरोपी बनाए गए पांचों छात्र-छात्राएं प्रतिष्ठित परिवारों के बताए जा रहे हैं।