वायरल के बाद डेंगू की दस्तक, पुलिसकर्मी समेत चार मरीज मिले
हापुड़। वायरल बुखार और टायफॉयड के बाद अब जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। एक पुलिसकर्मी समेत चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। निजी लैब की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध सैंपलों की जांच कराई थी। डेंगू के मच्छर का लार्वा तलाशकर नष्ट करने के लिए रैपिड टीमों को अलर्ट कर दिया है। अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए जाएंगे।
कोरोना महामारी के डेढ़ साल में जिले में डेंगू का प्रकोप कम फैला था। करीब 20 दिन से लोग वायरल बुखार के मरीज बड़ी संख्या में सामने आए हैं। अब डेंगू की दस्तक ने परेशानी और बढ़ा दी है। जिन चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है उनमें से एक पुलिसकर्मी तथा दो अन्य ऐसे हैं जो दूसरे जिले में नौकरी करते हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इन मरीजों की ट्रेवलिंग हिस्ट्री खंगाली रहा है। इसके लिए अलग से टीम बनाई गई है जो जल्द ही रिपोर्ट सौंपेगी।
अस्पतालों में वार्ड होंगे रिजर्व
जिले में डेंगू की दस्तक के बाद से स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में अलग से वार्ड रिजर्व करने की तैयारी शुरू कर दी हैं। सीएचसी और जिला अस्पताल में स्पेशल वार्ड तैयार किए जाएंगे।
निजी लैब सौंप रहीं संदिग्धों की रिपोर्ट
निजी लैब में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है उनके रक्त के नमूने जांच के लिए सरकारी लैब में भी भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग विभाग अपनी लैब की रिपोर्ट के बाद डेंगू की पुष्टि कर उपचार शुरू कराता है।
ओपीडी में आ रहे 300 मरीज
जिले में वायरल और टायफॉयड का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना करीब 300 बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा नजला, खांसी के मरीजों की तादात भी तेजी से बढ़ रही है।
तीन साल में डेंगू की स्थिति
वर्ष डेंगू मलेरिया स्वाइन फ्लू
2019-20 85 228 51
2020-21 26 53 02
2021-22 04 18 00
डेंगू के लक्षण-
अचानक तेज बुखार।
सिर में आगे की और तेज दर्द।
आंखों में दर्द। हिलने-डुलने से दर्द में और तेजी।
मांसपेशियों (बदन) व जोड़ों में दर्द।
स्वाद का पता न चलना व भूख न लगना।
छाती और ऊपरी अंगो पर खसरे जैसे दाने।
चक्कर आना, जी घबराना, उल्टी आना।
ऐसे करें बचाव:
घरों में व आसपास पानी एकत्र न होने दें।
कूलर, पानी की टंकी, गमलों की लगातार सफाई करें।
पूरे कपड़े पहनें, यह मच्छर घुटनों के नीचे काटता है।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
अलर्ट है विभाग
जिले में डेंगू का असर बीते सालों के मुकाबले काफी कम है। अस्पतालों में इस रोग से बचाव को बेहतर उपचार की सुविधा है। चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। रेपिड टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है।--डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ।