नेताजी घर-घर प्रचार करने मत आइए, वेबिनार में वादे गिनाइए
साहिबाबाद। कोविड संक्रमण का असर इस बार नेता जी के चुनाव प्रचार पर भारी पड़ रहा है। अधिकतर हाई राइज सोसायटियों में घर-घर प्रचार करने की इजाजत प्रत्याशी और उनके समर्थकों को नहीं दी जा रही है। कई सोसायटियों में तो प्रचारकों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध हैं और वहां लोगों को केवल डिजिटल प्लेटफार्म व वेबिनार के माध्यम से प्रचार करने के लिए कहा जा रहा है।
इंदिरापुरम एओए फेडरेशन के संरक्षक आलोक कुमार ने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रत्याशी समर्थकों को वर्चुअल मीटिंग करने को ही कहा जा रहा है। कुछ सोसायटी में यदि वह प्रवेश भी करते हैं तो डोर टू डोर जाने की इजाजत नहीं दी जाती, बल्कि उनकी मुलाकात दस से प्रंदह लोगों के साथ कराई जाती है। वहीं, जीसी ग्रैंड आरडब्ल्यूए पदाधिकारी अमरीश गर्ग ने कहा कि उनके यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध है। कुछ समर्थकों ने पूर्व में संपर्क साधा तो उन्हें स्पष्ट कर दिया गया कि वह केवल वर्चुअल बैठक ही कर सकते हैं। इसके लिए वह रेजिडेंट्स के साथ वेबिनार करा देते हैं। एंजेल मर्करी के अध्यक्ष अवनीश झा ने कहा कि किसी को भी डोर टू डोर जाने की इजाजत नहीं है। अब तक तीन दल के लोग सोसायटी में पहुंचे हैं। कोविड प्रोटोकॉल के तहत उन लोगों ने पूर्व सूचना दी जिसके बाद हमने सोसायटी के कुछ लोगों से बात की और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए 15 से 20 लोगों के साथ उनकी बैठक कराई, जिसमें प्रत्याशी समर्थकों ने अपनी बात रखी।
वसुंधरा की सोसायटियों में दो दिन पहले देना होगा आवेदन
चुनाव प्रचारकों द्वारा बिना पूर्व सूचना के कॉलोनी में बेसमय लोगों के दरवाजे खटखटाना या बेल बजाना लोगों को नागवार गुजरा है। ऐसे में आरडब्ल्यूए ने प्रत्याशी और उनके समर्थकों के लिए प्रचार से एक दिन पूर्व आने की सूचना देने की बात कही है। इसके साथ ही प्रचार से पूर्व प्रत्याशियों को अपना मेनिफेस्टो आरडब्ल्यूए कार्यालय में जमा कराना होगा। सोसायटियों के लोगों ने आरडब्ल्यूए से शिकायत की, जिसके बार आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने प्रत्याशी एवं समर्थकों के लिए जरूरी नियम बनाकर गार्ड रूम के बाहर चस्पा कर दिए हैं। लोगों ने शिकायत की है कि पिछले दिनों कुछ प्रत्याशी समर्थक सोसायटी में बिना सूचित किए पहुंच गए और बिना मेनिफेस्टो दिए वोट मांगने लगे। ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए फेडरेशन अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि रेजिडेंट्स की शिकायत पर नियम बनाए गए हैं। ताकि चुनाव जितने पर प्रत्याशी से मेनिफेस्टो के अनुसार काम की मांग की जा सके। साथ ही प्रचारकों के जनसंपर्क कार्यक्रम की पूर्व सूचना मिलने पर रेसिडेंट्स मानसिक रूप से गेट खोलने को तत्पर रहेंगे।