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ढोल-नगाड़े बजे, फूलों की बरसात के साथ किसान हुए रवाना

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ढोल-नगाड़े बजे, फूलों की बरसात के साथ किसान हुए रवाना
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साहिबाबाद। गाजीपुर बॉर्डर पर एक साल 17 दिन तक संघर्षरत आंदोलनकारी किसान बुधवार सुबह फतेह मार्च निकाल घर रवाना हो गए। दो घंटे तक किसानों ने जीत का जश्न मनाया। इस दौरान ढोल-नगाड़े और देशभक्ति गीतों पर किसान खूब झूमे। फूल बरसाए गए। काफिले में सबसे आगे राकेश टिकैत तिरंगा व भाकियू का झंडा लहराकर लोगों का अभिवादन करते हुए निकले। जाते- जाते टिकैत ने कहा कि 13 महीने के संघर्ष के बाद किसानों का सम्मान लौटा है। जो नौजवान, अन्नदाता दबा हुआ था, उसे अपनी बात कहने की आजादी मिली है। अभी आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। भारत सरकार से समझौते के आधार पर आंदोलन स्थगित हुआ है।
यूपी गेट पर बुधवार सुबह का नजारा किसी खत्म हो रहे मेले की तरह था। किसान अपने सामान की गठरी बांध रहे थे। कोई नाच रहा था कोई गा रहा था। सुबह नौ बजे तक किसानों को विदा करने और जीत के जश्न में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। जगह-जगह किसानों की गाड़ियों पर भाकियू का झंडा और तिरंगे लहरा रहे थे। राकेश टिकैत करीब दस बजे यूपी गेट पहुंचे तो उनके पीछे भीड़ उमड़ पड़ी। उनके साथ विदाई की सेल्फी लेने की मार पड़ गई। किसान एकता जिंदाबाद के नारे से यूपी गेट गूंजने लगा। अंतिम दिन कई किसानों के चेहरे पर घर लौटने की खुशी थी तो एक दूसरे से बिछुड़ने का गम भी झलक रहा था। महिलाएं एक-दूसरे के गले भावुक हो रही थीं। इंदिरापुरम की महिलाओं ने किसानों का टीका कर उन्हें घर लौटने की बधाई दी। युवाओं ने आतिशबाजी की। इससे पहले सुबह करीब आठ बजे भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत, मीडिया प्रभारी शमशेर राणा, रविंद्र दौराला, चौ. होशियार सिंह समेत अन्य किसानों ने पूजा-पाठ कर हवन किया। 11 बजे से किसानों की घर वापसी शुरू हुई जो काफी देर तक चली। हालांकि कुछ किसान बचे हुए हैं जो एक दो दिनों में यह जगह खाली कर देंगे। इसके बाद एनएच पर रास्ता भी पूरी तरह खुल जाएगा। फतेह मार्च को लेकर एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी ट्रैफिक रामानंद कुशवाह, क्षेत्राधिकारी इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्रा, यातायात निरीक्षक योगेश पंत, एसडीएम, एटीएम सिटी और अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे। ड्रोन कैमरे से भी किसानों के फतेह मार्च पर नजर बनाई गई।
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आंदोलन स्थगित हुआ खत्म नहीं : राकेश टिकैत
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि 13 महीने बाद किसान घर लौट रहा है। उन्होंने कहा कि तीन कानून वापस हुए हैं, भारत सरकार से समझौते के आधार पर बातचीत हुई है। उसी पर आंदोलन खत्म नहीं, बल्कि अभी स्थगित हुआ। एमएसपी पर कहा कि इस मुद्दे पर देश में एक बहस शुरू हो गई है। किसानों की यूपी मिशन पर कहा कि जिस दिन आचार संहिता लग जाएगी, फिर सरकारों को बताया जाएगा। अभी उनके पास दो महीने का समय है। टिकैत ने बिजली के रेट पर भी प्रदेश सरकार को घेरा। कहा कि हरियाणा में बिजली के रेट 35 रुपये हॉर्स पावर है मगर यूपी में 175 रुपये हॉर्स पावर से बिल लिया जाता है। लखीमपुर की घटना में एसआईटी की रिपोर्ट को सही बताते हुए कहा कि किसानों की एसआईटी ने पहले ही बता दिया कि यह पूर्व नियोजित साजिश थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय टेनी और उनके लड़के पर सरकार कार्रवाई करें। उन्होंने किसानों की आय दोगुना होने के मुद्दे को जनवरी में उठाने के संकेत दिए। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और नगर निगम सफाई कर्मचारियों का धन्यवाद किया।
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