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383 दिन बाद यूपी गेट से लौटे किसान, एक्सप्रेसवे पर अब फर्राटा भरेंगे वाहन

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383 दिन बाद यूपी गेट से लौटे किसान, एक्सप्रेसवे पर अब फर्राटा भरेंगे वाहन
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गाजियाबाद/साहिबाबाद। 383 दिन चले आंदोलन के बाद बुधवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और आंदोलनरत किसान घर लौट गए। किसानों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 की लेन खाली कर दीं। किसानों के लौटने के बाद गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली एक्सप्रेसवे और एनएच-9 की पर लगी सीमेंटेड और लोहे की बैरिकेडिंग को हटाने का काम किया गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी लेन खोल दी गईं। नेशनल हाईवे-9 की लेन अभी बंद हैं। यूपी गेट पर रास्ते खुल जाने पर सबसे ज्यादा राहत इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा और कौशांबी के लोगों को होगी। वहीं, बुलंदशहर, हापुड़, गढ़ और मेरठ के लाखों लोगों को भी सहूलियत होगी।
28 नवंबर 2020 से किसान तीन कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी पर कानून बनाने समेत कई मांगों को मनवाने के लिए यूपी गेट पर आंदोलन कर रहे थे। दिल्ली पुलिस और प्रशासन की ओर से गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली की सीमा में बैरिकेडिंग लगा दी थी। 2 दिसंबर को एनएच-9 पर किसानों ने मंच लगाया तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर बैरिकेडिंग लगाकर उसे भी बंद कर दिया था। 26 जनवरी को लालकिला की घटना के बाद 30 जनवरी को गाजीपुर सर्विस लेन, एनएच-9 और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर सीमेंटेड बैरियर से पक्का निर्माण कर बंद कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने 29 अक्तूबर को एक्सप्रेसवे से सीमेंटेड बैरियर हटा दिए, लेकिन लोहे के बैरियर लगा दिए गए। लेन बंद होने से हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, गढ़, बुलंदशहर और अन्य जगहों के लाखों लोगों को भारी दिक्कत हुई। इसके बाद 26 नवंबर को किसानों ने महापंचायत कर 29 को दिल्ली जाने का एलान कर दिया। तब पुलिस हरकत में आई और तुरंत डीएमई पर नुकीली कील लगाकर रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया। अब केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच हुए समझौते के बाद किसानों ने यूपी बॉर्डर खाली कर दिया है। इसके बाद वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया। हालांकि इसे पूरी तरह चालू करने में अभी कई दिन और लगेंगे।
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एक्सप्रेसवे बंद होने से काटना पड़ रहा था लंबा चक्कर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर तंबू और बेरिकेडिंग लगे होने से दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था। शहर के ट्रैफिक को आनंद विहार-कौशांबी, दिल्ली वजीराबाद रोड और दिलशाद गार्डन बॉर्डर की तरफ से निकाला जा रहा था। नोएडा जाने के लिए लोगों को खोड़ा-गाजीपुर के सर्विस रोड से निकलना पड़ता है। बुधवार को एनएचएआई की निर्माण एजेंसी और दिल्ली पुलिस ने लोहे की सभी बैरिकेडिंग को हटा दिया। सीमेंटेड बैरिकेड को शाम करीब छह बजे तक नहीं हटाया गया था। देर शाम डीएमई पर चार पहिया और दो पहिया वाहन चालकों ने दिल्ली तक सफर किया।
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हिंडन पार क्षेत्र को जाम से मिलेगी मुक्ति :
यूपी गेट पर किसान आंदोलन के कारण ट्रैफिक पुलिस ने एक साल से रूट डायवर्ट किया हुआ था। ऐसे में भारी और हल्के वाहन इंदिरापुरम अभय खंड से होते हुए गौर ग्रीन कट से ऊपर चढ़कर हाईवे पर पहुंचते थे। भारी वाहन कौशांबी से डाबर तिराहा होते हुए वैशाली सेक्टर 4 वाया पुलिया होते हुए इंदिरापुरम में प्रवेश कर, यहां से अभयखंड होते हुए हाईवे पर चढ़ते थे या फिर खोड़ा गाजीपुर सर्विस रोड से दिल्ली पहुंचते थे। ऐसे में स्थानीय लोगों को जाम और प्रदूषण से भारी दिक्कत झेलनी पड़ी थी। लोगों को अब हाईवे से बैरिकेड हटने के बाद जल्द ही इन दोनों समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।
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निर्माण एजेंसी करेगी रिपेयरिंग का काम :
खोड़ा से यूपी गेट फ्लाईओवर और उससे आगे तक किसानों के टेंट व लंगर के अलावा अन्य सामान रखे हुए थे। किसानों ने अपनी रोजाना की जरूरत के अनुसार शौचालय और मंच पर छोटा-छोटा निर्माण किया हुआ था। इसके अलावा सड़क पर जगह-जगह दरार आने और फुटपाथ पर डिवाइडर टूटे होने के कारण माना जा रहा है कि एनएचएआई की निर्माण एजेंसी वहां रिपेयिरंग और मेंटेनेंस का काम करेगी।
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कोट
आंदोलन स्थल खाली होने के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी लेन देर रात खोल दी गई हैं। एनएच-9 की लेन अभी बंद हैं। इन्हें भी धीरे-धीरे बैरिकेडिंग हटाकर खोला जाएगा। - रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक
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