दिल्ली के दरवाजे भारत सरकार खोलेगी, बुलाने पर जाएंगे किसान : राकेश टिकैत
साहिबाबाद। तीन कृषि कानूनों पर सात महीने से थमे बातचीत के दौर पर राकेश टिकैत ने कहा कि दिल्ली के दरवाजे भारत सरकार खोलेगी। जब भी सरकार बुलाएगी संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिनिधि मंडल बातचीत के लिए जरूर जाएगा। उन्होंने करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के मामले पर मोर्चे के निर्णय को सर्वोपरि बताया। वहीं, झमाझम बारिश से शनिवार को आंदोलन स्थल में जलभराव होने पर किसानों को काफी नुकसान हुआ। राकेश टिकैत ने पानी में बैठकर धरना दिया। पदाधिकारियों ने किसानों के तंबू व लंगर उखड़ने पर उनका जायजा लिया। डीएमई पर पानी का बहाव तेज से किसानों की खाद्य सामग्री भी बेकार हो गई।
मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि किसान आंदोलन को नौ महीने बीत चुके हैं। मगर दिल्ली या गाजियाबाद प्रशासन ने गाजीपुर नाले की साफ-सफाई नहीं कराई। इससे बारिश पड़ने पर हर बार आंदोलन स्थल में जलभराव की स्थिति हो जाती है। किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही यह है कि सफाई की मांग करने के बावजूद गंदगी को नहीं निकाला गया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। शनिवार सुबह से हो रही बारिश से दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे और सर्विस लेन पर पानी भर गया। पानी का बहाव और तेज हवा चलने से किसानों के टेंट व तंबू भी उखड़ गए। किसानों ने किसी तरह सामान को इकट्ठा कर भीगने से बचाया। राकेश टिकैत ने कहा कि किसान गर्मी, सर्दी और अब बरसात में भी परेशान नहीं होने वाला है। किसानों ने एकमत से तय किया है कि जब तक तीन कानून वापस नहीं होते और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून नहीं बनता। तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि दिल्ली के दरवाजे तो भारत सरकार खोलेगी। जब भी सरकार बुलाएगी तो संयुक्त किसान मोर्चे का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जाएगा। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा ने जो भी निर्णय किया है, वो सर्वोपरि है।