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टैक्स चोरी में फर्म से वसूले ६५ लाख रुपये

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फर्जी बिलों के दम पर राजस्व को लगाया चूना
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गाजियाबाद। फर्जी बिलों के दम पर राजस्व को चूना लगाने वाली फर्म से वाणिज्य कर विभाग ने 65 लाख रुपये वसूल किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के लिए स्क्रैप कारोबारी फर्जी बिल बनाकर खरीद-फरोख्त दिखा रहा था। आईटीसी क्लेम करने पर शक के बाद फर्म की एसआईबी जांच कराई गई।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 विजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मसूरी-गुलावठी रोड औद्योगिक क्षेत्र में एटीआर ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्म है। फर्म के मालिक दानिश अली हैं, जो बैटरी, इंगट सहित अन्य स्क्रैप को खरीदने बेचने का काम करते हैं। पिछले काफी समय से फर्म मालिक द्वारा फर्जी आईटीसी क्लेम की जा रही थी। इसके बाद 16 फरवरी को फर्म की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) से जांच कराई गई। मौके पर अधिकारियों को दस्तावेजों में दर्ज स्टॉक से अधिक मात्रा में बैटरी, इंगट मिला। इसके अलावा माल खरीदने और बेचने में भी फर्जी बिलिंग कराई गई थी। इस पर फर्म मालिक से मौके पर ही 65 लाख 72 हजार रुपये का टैक्स और अर्थदंड जमा कराया गया।
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छह घंटे से अधिक चली जांच :
मौके पर अधिकारियों ने लगभग छह घंटे जांच की। इसके बाद मौके पर स्टॉक के बाहर मिले माल पर अधिकारियों ने टैक्स और अर्थदंड जमा कराया। अधिकारियों ने मौके से बिल बुुक, पासबुक, चेकबुक सहित अन्य दस्तावेज लिए हैं। इनकी जांच भी अधिकारी करा रहे हैं। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि स्क्रैप फर्म से माल खरीदने और बेचने वाली फर्मों की जांच भी कराई जा रही है।
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करोड़ों मे होता है स्क्रैप का कारोबार :
जिले में स्क्रैप का कारोबार करोड़ों में होता है। बैटरी, इंगट के अलावा बड़े कारोबारी लोहे का स्क्रैप खरीदकर फैक्टिरियों को बेचते हैं। जहां लोहे को गलाकर यांत्रिकी उत्पाद तैयार होते हैं। वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे व्यापारियों के ई-वे बिल पर नजर रखी जा रही है।
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