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१८ दिन बाद फिर सड़कों पर उतरीं इलेक्ट्रिक बसें

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18 दिन बाद फिर सड़कों पर उतरीं इलेक्ट्रिक बसें, अच्छा रहा सफर
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गाजियाबाद। पांच इलेक्ट्रिक बसें 18 दिन बाद शनिवार से फिर सड़कों पर उतर आई हैं। सुबह 10 बजे कौशांबी से मुरादनगर के लिए रवाना की गई पहली बस में यात्रियों ने सफर कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों में सफर का अनुभव अच्छा रहा, लेकिन अब इन बसों का संचालन बंद नहीं होना चाहिए।
बीती चार जनवरी को नेहरू नगर सेकेंड स्थित नगर निगम के नवनिर्मित ऑडिटोरियम परिसर से इन पांच बसों को केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया था। हालांकि चार्जिंग स्टेशन तैयार न होने की वजह से इनका संचालन नहीं किया गया और लोगों को इन बसों में सफर करने का मौका नहीं मिल सका। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अधिकारियों ने आनन-फानन में बसों का संचालन शनिवार से शुरू करा दिया। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक व सिटी बस सेवा के सीईओ एके सिंह ने बताया कि शनिवार को पांच बसें कौशांबी-मुरादनगर रूट पर उतार दी गई हैं। रविवार से सुबह छह बजे से बस सेवा शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह में मंगलवार या बुधवार से पांच अतिरिक्त बसें इस रूट पर चलाई जाएंगी। इस रूट पर बसों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि अगले महीने गाजियाबाद को और बसें मिल जाएंगी।
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महज 10 रुपये में लिया लग्जरी बस में सफर का आनंद
यात्रियों ने महज 10 रुपये के न्यूनतम किराए में इन लग्जरी बसों में सफर का आनंद लिया। इलेक्ट्रिक बसों में शुरूआती तीन किलोमीटर के सफर का किराया महज 10 रुपये है। छह किलोमीटर तक 15 रुपये, 10 किलोमीटर तक 20 रुपये, 14 किलोमीटर तक 25 रुपये, 19 किलोमीटर तक 30 रुपये, 24 किलोमीटर तक 35 रुपये और 30 किलोमीटर सफर के लिए 40 रुपये किराया देना होगा। जबकि ऑटो में इससे ज्यादा किराया लिया जा रहा है और आरामदायक सफर भी नहीं मिलता।
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आज टीईटी के परीक्षार्थी मुफ्त कर सकेंगे सफर
रविवार को होने वाली यूपी टीईटी के हजारों परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए केंद्रों पर जाएंगे। यह परीक्षार्थी इन इलेक्ट्रिक बसों में निशुल्क सफर कर सकेंगे। परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी बस के कंडक्टर को देनी होगी। इसके बाद उन्हें टिकट का पैसा नहीं देना पड़ेगा। परिचालक उन्हें शून्य रकम का टिकट देंगे। इन परीक्षार्थियों के मुफ्त सफर की भरपाई प्रदेश सरकार करेेगी और परिवहन निगम को पैसा देगी।
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परिचर्चा
लंबे इंतजार के बाद जिले में इलेक्ट्रिक बसें चलीं तो सहूलियत मिली। पहले ही दिन सफर का आनंद अलग रहा। प्रदेश सरकार की यह अच्छी योजना है। - रविंद्र कुमार, यात्री
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पहली बार स्थानीय यात्रियों के लिए ऐसी अच्छी बसें लाई गई हैं। अब ऑटो में भीड़ भाड़ में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। बसों की संख्या और बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि इनके लिए इंतजार न करना पड़े। - दीपक, दुहाई निवासी यात्री
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लो-फ्लोर बस में सफर करने का अनुभव अच्छा रहा। पहली बार सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अच्छा बनाने की शुरूआत की है। ऐसी अच्छी बसें मिलेंगी तो अपना निजी वाहन चलाने की जरूरत ही नहीं। - मुकेश कुमार त्यागी, यात्री ---
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ऑटो में सफर करने में दिक्कत होती थी। तीन सवारी वाले ऑटो में सात-सात सवारी बैठा ली जाती हैं। बहुत ही अच्छा अनुभव रहा इस बस में सफर करने का। अन्य रूट पर भी ऐसी बसें चलानी चाहिए। - शिवकुमार, यात्री
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