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बिना ई-वे बिल के माल का परिवहन

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बिना ई-वे बिल के धड़ल्ले से हो रही टैक्स चोरी, 313 मामले पकड़े
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गाजियाबाद। ई-वे बिल तैयार किए बिना होने वाली माल की सप्लाई के मामले में जिला गाजियाबाद भी पीछे नहीं है। नवंबर-दिसंबर माह में वाणिज्य कर विभाग ने ऐसे 313 मामले पकड़े हैं, जिसमें ई-वे बिल के बिना माल की सप्लाई की जा रही थी। इसके अलावा राजस्व को चूना लगाने वाले चिन्हित कर माफियाओं के 51 वाहनों पर भी विभाग ने कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए मोबाइल टीमों को जिम्मेदारी दी गई है।
जीएसटी में माल की आवाजाही को लेकर ई-वे बिल रखना अनिवार्य है। विभाग के पोर्टल पर अपडेट होने के बाद अधिकारियों के पास माल की सप्लाई संबंधित जानकरी रहती है। जिले में टैक्स चोरी को रोकथाम के लिए चलाए गए अभियान के दौरान अधिकारियों ने 14437 वाहनों की जांच की गई। इसमें से 313 वाहनों में ई-वे बिल में या तो गड़बड़ी मिली या ई-वे बिल था ही नहीं। जोन-1 में 140 और जोन-2 में 173 वाहनों में ई-वे बिल नहीं मिले। अधिकारियों का कहना है कि बिना ई-वे बिल के माल की आवाजाही करने वाले वाहनों 11 करोड़ से अधिक का माल जब्त किया गया जबकि इनसे चार करोड़ 57 लाख की वसूली भी विभाग ने की है।
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कर माफियाओं के वाहनों पर भी नजर :
वाणिज्य कर विभाग में चिन्हित कर माफियाओं के वाहनों पर भी मोबाइल टीमों की नजर है। दो महीनों में 51 वाहन विभाग ने रोके, जो टैक्स चोरी करने वाले ट्रांसपोटर्स के थे। जोन-1 में 23 और दो में 28 वाहनों को अधिकारियों ने पकड़ा। इनसे 61 लाख रुपये से अधिक का टैक्स और पेनल्टी विभाग ने वसूल की।
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पान मसाला, सुपारी और आयरन स्टील के वाहनों पर नजर :
अभियान के तहत वाणिज्य कर विभाग ने पान मसाला, सुपारी और आयरन स्टील के उत्पादों की सप्लाई करने वाले वाहनों की चेकिंग की। इन उत्पादों में 300 से अधिक वाहनों के ई-वे बिल अधिकारियों को नहीं मिले। परचून के 101 वाहनों को रोक कर अधिकारियों ने टैक्स चोरी पकड़ी।
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बस, ऑटो का अधिक इस्तेमाल :
शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिना ई-वे बिल की सप्लाई के लिए ऑटो का प्रयोग अधिक किया जा रहा है। इसके अलावा रोडवेज बसों और रेल के माध्यम से भी माल की आवाजाही बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि कम दूरी में ऑटो का प्रयोग किया जाता है। जबकि लंबी दूरी के लिए बसों का इस्तेमाल कर माफिया कर रहे हैं।
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प्रदेश के बाहर से आने वाले वाहनों पर नजर :
ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन करने वालों पर विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है। प्रांत के बाहर से आ रहे वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।
- यूएस दुबे, एडिशनल कमिश्नर, ग्रेड-2
वाणिज्य कर विभाग
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