खुद को मरा साबित करने के लिए मजदूर को मार डाला
गाजियाबाद। सजा से बचने के लिए करावल नगर दिल्ली के शिव विहार निवासी परचून दुकानदार सुदेश कुमार ने पत्नी अनुपमा के साथ खौफनाक साजिश रची। अपनी कद-काठी के बिहार के मजदूर दोमन रविदास को काम बुलाया और शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली से साइकिल पर शव लाकर लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र के इंदिरापुरी स्थित खाली प्लॉट में फेंककर उसका चेहरा जला दिया। खुद को मरा साबित करने के लिए सुदेश ने मृतक की जेब में अपना आधार कार्ड रख दिया। इसी आधार कार्ड से शक होने पर गाजियाबाद पुलिस ने 20 नवंबर की रात हुई घटना का खुलासा करते हुए शुक्रवार रात आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।
ऑनर किलिंग में की थी बेटी की हत्या, पैरोल पर आया था बाहर
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बतया कि मार्च 2018 में सुदेश ने अपनी 13 वर्षीय बेटी वंशिका की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। दो बार घर से चले जाने के चलते उसने गुस्से में ऐसा किया। हत्या के बाद सुदेश ने दिल्ली में खुद ही बेटी की गुमशुदगी लिखाई, लेकिन बाद में उसका राज खुल गया। दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मंडौली जेल भेजा था। कोरोना काल में अन्य कैदियों की तरह सुदेश 21 मई को पैरोल पर जेल से छूटा था। इसी बीच उसे पता चला कि उसे बेटी की हत्या में सजा होने वाली है। इससे बचने के लिए सुदेश को खुद का मरा दर्शाने की साजिश रची।
अपनी कद-काठी के मजदूर को काम पर लाया और कर दी हत्या
सुदेश 18 नवंबर को लेबर चौक गया और अपनी कद-काठी के मजदूर जिला गया, बिहार के अत्री निवासी दोमन रविदास को काम केबहाने घर ले आया। उसने पहले दिन छत पर स्लेप डलवाईं और उसे अपने कपड़े दे दिए। 19 नवंबर को दोमन रविदास उसी के कपड़े पहनकर काम पर आया। शाम को पार्टी के बहाने रोक लिया। रात करीब 9 बजे नशा होने पर सुदेश और उसकी पत्नी ने चारपाई के पाये से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दोमन रविदास की हत्या कर दी।
पत्नी ने शिनाख्त कर अंतिम संस्कार भी किया
20 नवंबर की सुबह शव मिलने पर पुलिस को जेब में सुदेश का आधार कार्ड मिला। पुलिस ने उसकी पत्नी अनुपमा को मोर्चरी बुलाया। साजिश के तहत अनुपमा ने मृतक मजदूर की शिनाख्त अपने पति के रूप में की और पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार भी किया।
फुटेज में साइकिल पर लाश ले जाता दिखा
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अगर हत्यारों को मृतक की शिनाख्त मिटाने के लिए उसका चेहरा जलाना होता तो वह उसकी जेब में आधार कार्ड क्यों छोड़ते। पुलिस को इसी बात पर शक हुआ और वह रेकी में जुट गई। पुलिस ने सुदेश के घर से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो सुदेश साइकिल पर लाश ले जाता हुआ कैद मिला।
पत्नी से मिलने आने की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली। सुदेश ने पत्नी से बात की। कहा कि वह 20 दिसंबर को उससे मिलने आएगा। वह घर की लाइट जलाकर रखे और दरवाजे पर सफेद कपड़ा टांग दे। इससे उसे पता चल जाएगा कि सब कुछ ठीक है। यह पता लगने पर पुलिस ने घेराबंदी कर ली और शुक्रवार रात सुदेश को उसके घर के पास से ही दबोच लिया। बाद में उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली में दर्ज थी मजदूर की गुमशुदगी
मजदूर दोमन रविदास दिल्ली के करावल नगर में ही साथियों के साथ किराए पर रहता था। दो दिन से कोई सुराग न लगने पर साथियों ने परिजनों को बताया, जिसके बाद दोमन के बेटे ने लापता होने के तीन दिन बाद करावल नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
बेटे के बयान और कद में अंतर ने दी पुलिस के शक को मजबूती
पुलिस ने सुदेश की पत्नी व 13 वर्षीय बेटे से अलग-अलग पूछताछ की। बेटे ने कहा कि 19 नवंबर को मम्मी-पापा ने उसे दुकान पर भेज दिया था। घर में शोर होने पर वह पहुंचा तो दोनों ने उसे वापस भेज दिया। वहीं, पुलिस ने शव और सुदेश के कद की पड़ताल की 5 इंच का अंतर मिला। इससे भी पुलिस के शक को बल मिला।