सर्दी में दिल को संभालें, 20 दिन में 1029 को पड़ा दौरा
गाजियाबाद। सर्दी में दिल संभालने की जरूरत है। दिल के दौरे के मामले इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं। ठंड आते ही मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। पिछले 20 दिन में जिले के पांच अस्पतालों में 5760 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें 1029 मरीज दिल का दौरा पड़ने की वजह से पहुंचे थे। इस दौरान 253 युवाओं को दिल का दौरा पड़ा। इनमें पांच हनीमून पर गए थे। हार्टअटैक के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
डॉक्टरों की मानें तो कोरोना से उबर चुके उन मरीजों को अधिक परेशानी हो रही है, जो डायबिटीज या किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं। कोरोना के इलाज के दौरान नियमित दवाइयां बंद हो गई थीं। कोरोना के इलाज में एस्टेरॉयड के प्रयोग से शुगर और मोटापा बढ़ गया। खानपान में बदलाव होने से इस समय 20 से 25 साल के युवा भी हृदयाघात के शिकार हो रहे हैं।
कारण
- ब्लड प्रेशर बढ़ जाना।
- सर्दी में मीठा अधिक खाना।
- सर्दी में अधिक देर तक घर से न निकलना।
- शादी- समारोह में अधिक तली-भुनी और मीठी चीजें खाना।
- एक्सरसाइज न करने से खून गाढ़ा होना।
निवारण
- खानपान नियंत्रित करें।
- सलाद और मौसमी फल खाएं।
- हर तीन महीने बाद रक्तदान करें।
- एक्सरसाइज के लिए घर में ट्रेड मिल लगाएं या सीढ़ियां चढ़े-उतरे
इन लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करें
छाती में दबाव, पसीना आना, दोनों बाजू में दर्द या बाएं हाथ में दर्द, पसीना आना, घबराहट होना यह हार्ट अटैक के लक्षण होता है। सीने में दर्द, जलन व भारीपन हार्ट अटैक की निशानी है। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने की बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉ. सुनील कात्याल, वरिष्ठ हदय रोग विशेषज्ञ
हृदय रोग से बचने के लिए इन पर दें ध्यान
- प्रतिदिन अन्य कार्यों की तरह ही व्यायाम के लिए भी समय निकालें।
- दिन के समय तेज पैदल चलें।
- ताजे फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें।
- धूम्रपान एवं मदिरापान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें।
- यह हृदय रोगों के साथ ही कई बीमारियों का कारक है।
- स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें।
- तनावमुक्त जीवन जीएं। तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान से नियंत्रण करें।
- भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम करें।
तापमान कम होने से सिकुड़ जाती हैं खून की नली
तापमान कम होने से खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं। हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में खून का संचार रुक जाता है। इससे ऑक्सीजन पहुंचने की मात्रा कम हो जाती है। हृदय को शरीर में खून और ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए अतिरिक्त श्रम करना पड़ता है। इस वजह से हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है। हृदय गति रुकने से मौत के मामले भी बढ़ जाते हैं।
डॉ. आलोक सहगल, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ
खानपान में लापरवाही, शारीरिक श्रम की कमी के कारण युवा भी हृदयाघात की चपेट में आ रहे हैं। पिछले बीस दिन में हार्टअटैक के मामले दो गुना बढ़ गए हैं। बीस दिन में पांच ऐसे युवाओं को हार्ट अटैक आया जो शादी के बाद हनीमून पर गए थे। कई नवविवाहिता भी हार्ट अटैक की चपेट में आ चुकी हैं।
डॉ. असित खन्ना, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ यशोदा कौशांबी
मेरे बाएं कंधे में दर्द हो रहा था। दूसरे दिन हाथ में दर्द होने लगा। डॉक्टर ने बताया कि जांच कराओ हार्ट अटैक हो सकता है, जांच कराने के बाद पता चला कि धमनी ब्लॉक है। ऑपरेशन कराना पड़ा।
रोहित, बीसीए अंतिम वर्ष
मैं क्रिकेट खेल रहा था। अचानक सीने में दर्द होने लगा। दोस्त लीक्रिस्ट अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि हॉर्ट अटैक आया है। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने स्टेंट डाला है।
अर्जुन, वैशाली
बीस दिन में अस्पताल में हार्ट ओपीडी और हार्ट अटैक के मरीज
अस्पताल - ओपीडी - हार्ट अटैक
यशोदा कौशांबी - 1260 - 220
यशोदा नेहरू नगर - 1200 - 228
मणिपाल अस्पताल - 960 - 196
सर्वोदय अस्पताल - 1160 - 198
लीक्रेस्ट वसुंधरा - 1180 - 187
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